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Shyam sunder Meena
September 22, 2025
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श्रीमद्भगवद्गीता, अध्याय 8 (अक्षरब्रह्मयोग), श्लोक 7 > तस्मात्सर्वेषु कालेषु मामनुस्मर युध्य च । मय्यर्पितमनोबुद्धिर्मामेवैष्यस्यसंशयम् ॥ 7 ॥ इसलिए हे अर्जुन! तू हर समय मेरा ही स्मरण कर और युद्ध भी कर। मन और बुद्धि को मुझमें अर्पित करके तू निःसंदेह मेरे पास ही आएगा। 👉 यहाँ भगवान श्रीकृष्ण अर्जुन से कहते हैं कि केवल ध्यान या स्मरण ही नहीं, बल्कि अपना कर्तव्य (युद्ध) भी करते रहो। जब मन और बुद्धि भगवान में अर्पित हो जाती है तो जीवन के किसी भी काम को करते हुए भी मनुष्य भगवद्प्राप्ति कर लेता है। जय श्री राधे♥️🙏

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