
दिल्ली में 11 सपबर 2026 को अमावस्या – सूर्य उदय पंचांग एवं लाहिरी
दिल्ली में सूर्योदय पंचांग के अनुसार 11 सितंबर 2026 को अमावस्या है। इस दिन लाहिरी पंचांग के आधार पर महाप्रभु की रीति‑रिवाज़ों का पालन किया जाता है।
दिल्ली में 11 सितंबर 2026 को अमावस्या – सूर्य उदय पंचांग एवं लाहिरी
अमावस्या का पात्रा वह काल है जब चंद्रमा पृथ्वी के साए में छिप जाता है। दिल्ली में इस वर्ष इसे 11 सितंबर 2026 को माना गया है, जैसा कि आधिकारिक सूर्योदय पंचांग में दर्शाया गया है। इस विशेष रात को कई आध्यात्मिक कार्यों और शुद्धिकरण विधियों का पालन किया जाता है।
सूर्योदय पंचांग का विवरण
दिल्ली में 2026‑09‑11T06:04:17+05:30 अर्थात् 06:04 बजे सवेरा का समय नियत है। यह समय लाहिरी कलाई (सूर्यनियंत्रित लहिरिया पंचांग) पर आधारित है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि सभी धार्मिक अनुष्ठान सही समय पर आरम्भ हों। सूर्योदय के समय से मिलने वाले प्रकाश को शुद्धिकरण के प्रारम्भिक चरण के रूप में माना जाता है।
लाहिरी पंचांग के अनुसार प्रमुख आस्थाएँ
लाहिरी पंचांग में इस अमावस्या को काली भाग्य निवारण का दिन माना जाता है। इस दिन पावन व्रत, पादुका धारण, तथा शंकरमुरी की मंत्रजाप की सिफ़ारिश की जाती है। लाहिरी के अनुसार, पूज्य वस्तुओं को रात 07:00 बजे तक स्थापित किया जाता है, जिससे सूर्य के प्रथम किरणों से आध्यात्मिक शक्ति को दृढ़ किया जा सके।
उपवास एवं पूजा विधि
अमावस्या के दिन उपवास रखने वाले इस प्रकार चरणबद्ध रूप से कार्य कर सकते हैं:
- संध्या – दिन के अंत में जलरात्रि अभिषेक करें।
- रात्रि – केवल फल, नट्स व शुद्ध पानी का सेवन करें।
- प्रातः – 06:04 बजे सूर्य उदय के साथ जपन तथा ध्यान आरम्भ करें।
पूजा स्थल को सफ़ेद कपड़े और पावन धूप से सजाएँ। यदि संभव हो तो कुटक या जटामुखी की पूजा करबाकी लाहिरी में दीर्घकालिक लाभ का संकेत माना जाता है।
धार्मिक महत्त्व एवं सामाजिक स्वरूप
अमावस्या को अक्सर पितरों की श्राद्ध के साथ जोड़ा जाता है। इस दिन पूर्वजों की आत्मा की शांति हेतु पेदर (पार्वती), जल आदि अर्पण किया जाता है। दिल्ली की कई पवित्र संस्थाएँ इस अवसर पर विशेष सामूहिक व्रत एवं लघु आह्वान आयोजित करती हैं, जहाँ भक्त एकत्रित होते हैं।
ध्यान रखें कि यह लेख केवल आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्रदान करता है और इसका उद्देश्य किसी भी प्रकार की चिकित्सीय सलाह नहीं देना है। इच्छुक श्रद्धालु स्थानीय पंडित या प्रतिष्ठित धार्मिक संस्थानों से विस्तृत विधि एवं समय-सारिणी की पुष्टि कर सकते हैं।
समापन
इस प्रकार, 11 सितंबर 2026 को दिल्ली में घटित होने वाली अमावस्या, लाहिरी पंचांग के अनुसार विशेष आध्यात्मिक आयोजन एवं शुद्धिकरण के अवसर प्रदान करती है। सूर्य उदय के साक्षी बनकर इस पवित्र रात का उपयोग आत्म-परिक्षण, पवित्रता और बंधुता के उद्देश्यों के लिये करें।
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दिल्ली में सूर्योदय पंचांग के अनुसार 11 सितंबर 2026 को अमावस्या है। इस दिन लाहिरी पंचांग के आधार पर महाप्रभु की रीति‑रिवाज़ों का पालन किया जाता है।
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