पंचक काल 23 सितंबर 2026 से 28 सितंबर 2026
पंचक

23 सेप्टेम्बर 2026 से 28 सेप्टेम्बर 2026 तक का पंचक

23 सितंबर 2026 को 3:34 pm से 28 सितंबर 2026 को 10:16 am तक पाँच प्रकार के पंचक चलेंगे। इन पंचकों में रोग, मृत्यु, अग्नि, चोर और राज पंचक शामिल हैं।

Adhyatmic Official
September 13, 2026
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23 सितंबर 2026 से 28 सितंबर 2026 तक का पंचक

यहाँ प्रस्तुत है पंचक का विस्तृत विवरण, जो 23 सितंबर 2026 को 3:34 pm बजे शुरू होकर 28 सितंबर 2026 को 10:16 am बजे समाप्त होगा। इस अवधि में कुल पाँच पंचक प्रभावी रहेंगे – रोग पंचक, मृत्यु पंचक, अग्नि पंचक, चोर पंचक तथा राज पंचक।

पंचकों का समय‑सीमा

  • आरम्भ: 23 सितंबर 2026 को 3:34 pm बजे
  • समाप्ति: 28 सितंबर 2026 को 10:16 am बजे

पंचकों के प्रकार और नक्षत्र

  • रोग पंचक – धनिष्ठा नक्षत्र (नक्षत्र क्रमांक 23)
  • मृत्यु पंचक – शतभिषा नक्षत्र (नक्षत्र क्रमांक 24)
  • अग्नि पंचक – पूर्वभाद्रपदा नक्षत्र (नक्षत्र क्रमांक 25)
  • चोर पंचक – उत्तरभाद्रपदा नक्षत्र (नक्षत्र क्रमांक 26)
  • राज पंचक – रेॕवती नक्षत्र (नक्षत्र क्रमांक 27)

पंचक के महत्व

हिंदू पंचांग में पंचक वह अवधि है, जिसके दौरान पाँच प्रकार के नकारात्मक प्रभाव प्रमुख होते हैं। इन प्रभावों को समझकर उचित उपाय अपनाना शास्त्रों के अनुसार लाभकारी माना जाता है। इस विशेष पंचक में रोग, मृत्यु, आग, चोरी और शासक‑सेवा से जुड़ी अनिवार्य चिंताओं को ध्यान में रखा गया है।

कौन‑कौन से कार्य करने से लाभ हो सकता है

  • रोग पंचक के दौरान शुद्ध जल एवं आयुर्वेदिक औषधियों का सेवन बढ़ाएँ।
  • मृत्यु पंचक में शोक‑संभाल तथा पूर्वजों की याद में पितृ तरप से जुड़े अनुष्ठान करना उचित माना जाता है।
  • अग्नि पंचक में हल्के हलके दीप‑ज्योत और धूप जलाकर घर में शांति बनाए रखें।
  • चोर पंचक में घर के द्वार‑खिड़कियों पर औषधीय पत्तियों का प्रयोग करके ऊर्जा को शुद्ध रखें।
  • राज पंचक में प्रशासनिक कार्यों में विवेकपूर्ण निर्णय लेना व अनावश्यक विवादों से बचना उचित है।

सारांश

पंचक 23 सितंबर 2026 को 3:34 pm बजे से 28 सितंबर 2026 को 10:16 am बजे तक (रोग पंचक, मृत्यु पंचक, अग्नि पंचक, चोर पंचक, राज पंचक) चलता है। इन दिनों में शास्त्रों के अनुरूप छोटे‑छोटे उपाय अपनाने से नकारात्मक प्रभावों को न्यूनतम किया जा सकता है।

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