
अक्टूबर 2026 का पंचक काल
21 अक्तूबर 2026 को 12:31 am से 25 अक्तूबर 2026 को 7:22 pm तक पाँच प्रकार के पंचक चलेंगे। रोग, मृत्यु, अग्नि, चोर और राज पंचक की विशेषताएँ जानें।
पंचक काल 21 अक्तूबर 2026 से 25 अक्तूबर 2026
यह पंचक 21 अक्तूबर 2026 को 12:31 am बजे से शुरू होकर 25 अक्तूबर 2026 को 7:22 pm बजे तक चलता है। इस अवधि में पाँच अलग‑अलग प्रकार के पंचक होते हैं, जिनकी क्रमशः विशिष्ट नक्षत्रें और प्रभाव हैं। नीचे प्रत्येक पंचक का विवरण दिया गया है।
रोग पंचक
नक्षत्र धनिष्ठा (नक्षत्र क्रमांक 23) के अंतर्गत यह पंचक आता है। रोग पंचक में स्वास्थ्य‑संबंधी समस्याएँ अधिक हो सकती हैं, इसलिए इस दौरान शारीरिक और मानसिक स्वच्छता पर विशेष ध्यान देना उपयोगी रहता है।
मृत्यु पंचक
यह पंचक शतभिषा (नक्षत्र क्रमांक 24) में स्थित है। मृत्यु पंचक के दिन दुर्घटनाओं या अप्रत्याशित घटनाओं की सम्भावना बढ़ सकती है, इसलिए सतर्क रहना आवश्यक है।
अग्नि पंचक
पूर्व भाद्रपदा (नक्षत्र क्रमांक 25) के अंतर्गत अग्नि पंचक आता है। इस पंचक में जलन, जलसेना या आग से जुड़ी समस्याओं की संभावना रहती है, इसलिए घर में आग से संबंधित सावधानियाँ बरतें।
चोर पंचक
नक्षत्र उत्तरा भाद्रपदा (नक्षत्र क्रमांक 26) में स्थित यह पंचक चोरी‑चोरी या चोरी‑सम्बन्धी मामलों में अधिक सतर्क रहने की सलाह देता है। valuables को सुरक्षित रखें।
राज पंचक
अंतिम पंचक रेवती (नक्षत्र क्रमांक 27) में आता है। राज पंचक के दौरान सत्ता‑संबंधी परिवर्तन या शासन‑स्थापन के मुद्दे प्रमुख होते हैं।
सभी पंचकों का समय-सारांश इस प्रकार है:
- आरम्भ: 21 अक्तूबर 2026 को 12:31 am बजे
- समापन: 25 अक्तूबर 2026 को 7:22 pm बजे
इन पंचकों को समझकर आप अपनी दैनिक गतिविधियों को अधिक सुरक्षित और सावधानीपूर्ण बना सकते हैं।
पंचक में क्या नहीं करना चाहिए
- गृह प्रवेश, विवाह, या नए कार्य का शुभारंभ
- लकड़ी या घास का संग्रह
- यात्रा के लिए नया बिस्तर/पलंग बनवाना
- शवयात्रा के अतिरिक्त श्मशान संबंधी बड़े कार्य
ये पारंपरिक निषेध हैं — व्यक्तिगत निर्णय विवेक और कुल परंपरा के अनुसार लें।
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