
विनायक चतुर्थी का विशेष पन्ना
सूर्योदय पंचांग के अनुसार 14 अक्तूबर 2026 को मनाया जाने वाला विनायक चतुर्थी का पंक्तिबद्ध विवरण और अद्यतन लाहिरी समय।
विनायक चतुर्थी – 14 अक्तूबर 2026 का पावन दिन
सूर्योदय पंचांग के अनुसार विनायक चतुर्थी 14 अक्तूबर 2026 को है। यह दिन गणेश जी की पूजा‑अर्चना तथा विविध रिवाज़ों के लिए विशेष महत्त्व रखता है।
लाहिरी (सूर्योदय) समय
इस पावन दिवस की लाहिरी 06:21:27 पर है, जिसका अर्थ है कि सुबह के प्रथम प्रकाश के साथ ही मंत्रोच्चार और आरती का आरम्भ किया जाता है।
विनायक चतुर्थी के प्रमुख अनुष्ठान
- गणेश जी की मूर्ति स्थापित करसंकल्प एवं अर्घ्य देना।
- दूध, मोदक, और लाल नारियल अर्पित करना।
- शस्वत् पूजा और विनायक मंत्र उच्चारण।
- भजनों के साथ गणेश वंदना एवं हवन करना।
समयावधि एवं पालन
विनायक चतुर्थी का मुख्य दिन 14 अक्तूबर 2026 है, परन्तु कई क्षेत्रों में इस त्यौहार की लंबी अवधि को दो दिन तक मान्य किया जाता है। पहले दिन की लाहिरी पर आराधना आरम्भ होती है और दूसरे दिन तक विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम जारी रहते हैं।
सामाजिक एवं सांस्कृतिक महत्व
गणेश जी को बाधाओं को हटाने वाला और सभी कार्यों की सफलता का दाता माना जाता है। इस कारण विनायक चतुर्थी पर परिवार और मित्रजनों के संगजुड़न, मिठाई बाँटने और सामाजिक कार्यों का आयोजन आम है। यह दिन न केवल धार्मिक बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक बन गया है।
विनायक चतुर्थी पर सजावट व आयोजन
भवनों तथा सार्वजनिक स्थलों को फूल, रंगीन रब्बर और पन्ने से सजा कर गणेश प्रतिमा को मुख्य आकर्षण बनाया जाता है। कई नगरों में पंडाल स्थापित कर भक्तियों की धारा और सार्वजनिक द्विधा आयोजित की जाती है।
इस पावन दिन को याद रखने के लिये सूर्योदय पंचांग द्वारा निर्धारित लाहिरी समय का पालन अत्यावश्यक है। शुभकामनाएँ और मंगल कार्य इस दिन के साथ जुड़े होते हैं।
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