पंचांग

13 सितंबर 2026 का पंचांग विवरण

13 सितंबर 2026 · सूर्योदय पंचांग · लाहिरी

13 सितंबर 2026 का पंचांग विवरण

दिल्ली

सूर्योदय पंचांग · लाहिरी

तिथि

शुक्ल तृतीया

नक्षत्र

हस्त · पद 4

योग

Shukla

करण

Taitila

सूर्योदय

6:05 am

सूर्यास्त

6:28 pm

चंद्रोदय

8:02 am

चंद्रास्त

7:35 pm

दिन का विवरण

वार
Ravivara
मास
Bhadrapada
ऋतु / अयन
Varsha · Dakshinayana
चंद्र राशि
कन्या

वर्ज्य काल

Rahu Kalam

4:55 pm से 6:28 pm

Yamaganda

12:17 pm से 1:50 pm

Gulika Kalam

3:23 pm से 4:55 pm

Dur Muhurta

4:49 pm से 5:39 pm

Varjyam

9:19 pm से 10:55 pm

13 सितंबर 2026 का पंचांग

इस लेख में 13 सितंबर 2026 की शुक्ल द्वितीया तिथि, नक्षत्र हस्त और शनि‑वार के संयोग को विस्तृत रूप से प्रस्तुत किया गया है। तिथि‑समय, योग‑करन, सूर्य‑चंद्र स्थितियाँ तथा प्रमुख मुहूर्त की जानकारी यहाँ उपलब्ध है।

तिथि, नक्षत्र एवं वार

तिथि – शुक्ल द्वितीया (द्वितीया)।
नक्षत्र – हस्त।
वार – शनि‑वार (शनिवार)।

योग, करन व अन्य मान्यताएँ

आज की योग संख्या 24 है, जिसका नाम Shukla है। करन क्रमांक 4 के अन्तर्गत Kaulava करन प्रकाश में आता है। माह ऋतु‑विचार से देखे तो यह दिन भाद्रपदा माह (छहवाँ माह) में स्थित है, तथा वर्षा ऋतु (Varsha) तथा दक्षिणायण (Dakshinayana) में आ रहा है।

सूर्योदय‑सूर्यास्त व चंद्रमा

आज सूर्य का उदय 06:04:46 तथा सूर्यास्त 18:30:08 IST पर है। चंद्रमा का उदय 07:02:49 तथा चंद्रमा अस्त बिंदु 19:04:08 पर स्थापित है। चंद्रमा कन्या (Kanya) राशि में स्थित है और उसकी पड़ाव द्वितीय (Moon Pada 2) है। सूर्य शण (Simha) राशि में स्थित है।

आज के शुभ एवं शत्रु मुहूर्त

  • Brahma Muhurta – 04:28:46 से 05:16:46 (AUSPICIOUS)
  • Abhijit Muhurta – 11:52:36 से 12:42:18 (AUSPICIOUS)
  • Rahu Kalam – 09:11:07 से 10:44:17 (INAUSPICIOUS)
  • Yamaganda – 13:50:37 से 15:23:48 (INAUSPICIOUS)
  • Gulika Kalam – 06:04:46 से 07:37:56 (INAUSPICIOUS)
  • Dur Muhurta 1 – 06:04:46 से 06:54:28 (INAUSPICIOUS)
  • Dur Muhurta 2 – 06:54:28 से 07:44:09 (INAUSPICIOUS)
  • Varjyam – 21:19:02 से 22:55:02 (INAUSPICIOUS)

निष्कर्ष

13 सितंबर 2026 का पंचांग शुक्ल द्वितीया तिथि, हस्त नक्षत्र और शनिवार के संयोजन से युक्त है। सूर्योदय‑सूर्यास्त एवं चंद्रमा के क्रमिक समय को ध्यान में रखते हुए, दैनिक कार्य, पूजा‑पाठ एवं वाणिज्यिक निर्णय लिये जा सकते हैं। विशेषकर ब्रह्म मुहूर्त तथा अभिजीत मुहूर्त को शुभ माना गया है, जबकि राहु कलाम, यमगंडा एवं गुलिक काल शत्रु वर्ग में आते हैं। इस प्रकार, पंचांग की संपूर्ण जानकारी से आप अपने दैनिक कार्यक्रम को अधिक सहज और सफल बना सकते हैं।