शुक्ल पंचमी 2026 का पंचांग विस्तृत विवरण
16 सितंबर 2026 · सूर्योदय पंचांग · लाहिरी

दिल्ली
सूर्योदय पंचांग · लाहिरी
तिथि
शुक्ल षष्ठी
नक्षत्र
विशाखा · पद 4
योग
Vaidhriti
करण
Kaulava
सूर्योदय
6:06 am
सूर्यास्त
6:25 pm
चंद्रोदय
10:58 am
चंद्रास्त
9:23 pm
दिन का विवरण
- वार
- Budhavara
- मास
- Bhadrapada
- ऋतु / अयन
- Varsha · Dakshinayana
- चंद्र राशि
- वृश्चिक
वर्ज्य काल
Rahu Kalam
12:16 pm से 1:48 pm
Yamaganda
7:39 am से 9:11 am
Gulika Kalam
10:43 am से 12:16 pm
Dur Muhurta
11:51 am से 12:40 pm
Varjyam
8:56 pm से 10:32 pm
शुक्ल पंचमी 2026 – पंचांग सार
16 सितंबर 2026 को शुक्ल पंचमी और नक्षत्र विशाखा का विशेष प्रभाव रहता है। इस दिन का मौसमी संदर्भ वर्षा ऋतु तथा दक्षिणायन है। वारहिक दिन मंगलवार (Mangalavara) तथा माहभाद्रपद (छठा माह) में स्थित है।
तिथि, नक्षत्र एवं अन्य ज्योतिषीय जानकारी
- तिथि: शुक्ल पंचमी
- नक्षत्र: विशाखा
- योग: वैधृति (संख्या 27)
- करन: बलव (संख्या 10)
- वार: मंगलवार
- माह: भाद्रपद (6वा माह, अधिक नहीं)
- ऋतु: वर्षा
- अयन: दक्षिणायन
सूर्योदय‑अस्त एवं चन्द्रगति
इस दिन सूर्योदय 06:06:14 बजे (IST) तथा सूर्यास्त 18:26:33 बजे (IST) हुआ। चंद्रमा का उदय 10:00:19 बजे और अस्त 20:43:51 बजे था। चंद्रमा तुला राशि (6वी) में स्थित है तथा सूर्य सिंह (4था) राशि में है। चंद्रमा की पाद 2 में है, जिससे इस तिथि के विभिन्न कर्मकांडों में उचित समय‑परिणाम हेतु मदद मिलती है।
शुभ एवं अशुभ मुहूर्त
दिन में प्रमुख मुहूर्तों का विस्तृत सारणीकृत रूप नीचे दिया गया है।
- Brahma Muhurta: 04:30:14 – 05:18:14 (शुभ)
- Abhijit Muhurta: 11:51:43 – 12:41:04 (शुभ)
- Rahu Kalam: 15:21:28 – 16:54:00 (अशुभ)
- Yamaganda: 09:11:19 – 10:43:51 (अशुभ)
- Gulika Kalam: 12:16:23 – 13:48:56 (अशुभ)
- Dur Muhurta: 08:34:18 – 09:23:39 (अशुभ)
- Varjyam: 20:56:50 – 22:32:50 (अशुभ)
उपयोगी टिप्स
शुक्ल पंचमी को कई धार्मिक अनुष्ठानों के लिए उत्तम माना जाता है। तुला राशि में चंद्रमा होने से संतुलन एवं सौहार्द का ऊर्जा प्रवाह बढ़ता है। अतः इस दिन घर में शुद्धता रखकर पूजा‑पाठ, दान‑परोपकार और आध्यात्मिक अध्ययन करना लाभकारी रहेगा। यदि कोई विशेष कार्य नियोजित हो तो Brahma Muhurta या Abhijit Muhurta में प्रारम्भ करने से सफलता की सम्भावना अधिक रहती है।
सारांश
16 सितंबर 2026 के शुक्ल पंचमी का पंचांग नक्षत्र विशाखा, योग वैधृति और करन बलव के साथ संयोजन में प्रस्तुत करता है। इस दिन के शुभ समय‑सारिणी का पालन करके आप अपने धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों को अधिक प्रभावी बना सकते हैं।