शुक्रवार 19 सितंबर 2026 का पंचांग
19 सितंबर 2026 · सूर्योदय पंचांग · लाहिरी

दिल्ली
सूर्योदय पंचांग · लाहिरी
तिथि
शुक्ल अष्टमी
नक्षत्र
मूल · पद 2
योग
Ayushman
करण
बव
सूर्योदय
6:08 am
सूर्यास्त
6:21 pm
चंद्रोदय
1:42 pm
चंद्रास्त
11:50 pm
दिन का विवरण
- वार
- शनिवार
- मास
- Bhadrapada
- ऋतु / अयन
- Sharad · Dakshinayana
- चंद्र राशि
- धनु
वर्ज्य काल
Rahu Kalam
9:11 am से 10:43 am
Yamaganda
1:46 pm से 3:18 pm
Gulika Kalam
6:08 am से 7:39 am
Dur Muhurta 1
6:08 am से 6:57 am
Dur Muhurta 2
6:57 am से 7:46 am
Varjyam
9:08 pm से 10:44 pm
19 सितंबर 2026 – शुक्रवार का पंचांग
वर्तमान तिथि 19 सितंबर 2026 पर शुक्ल अष्टमी का पावन पावन तिथि है। इस दिन नक्षत्र मूल स्थित है और वार शुक्रवार (शुक्रवार) है। इस पंचांग में प्रतिपादित सभी कालिक विवरण सूर्य‑चंद्र सभ्य गणनाओं पर आधारित हैं।
तिथि, वार और माह
तिथि – शुक्ल अष्टमी
वार – शुक्रवार
माह – भाद्रपद (छठा माह), शरद ऋतु (Sharad) के अंतर्गत, दक्षिणायण (Dakshinayana) में स्थित है।
नक्षत्र एवं योग‑करन
- नक्षत्र : मूल
- योग : Ayushman (संख्या 3)
- करन : Vishti (संख्या 15)
आयुश्मान योग जीवन शक्ति को बढ़ाता है, जबकि विसhti करन कुछ कार्य में धीरज की मांग करता है, अतः सावधानी आवश्यक है।
सूर्य एवं चंद्र स्थितियां
- सूर्य का राशि : कन्या (इंडेक्स 5)
- चंद्र का राशि : धनु (इंडेक्स 8)
- चंद्र पाद : 1
सूर्य पूर्वोदय का समय 06:07:42 और सूर्यास्त का समय 18:22:56 (स्थानीय समय) दर्शाया गया है। चंद्र उदय 12:51:38 तथा चंद्र अस्त 22:56:57 है।
विशेष मुहूर्त
- ब्रह्मा मुहूर्त : 04:31:42 – 05:19:42 (अभिलषित)
- अभिजीत मुहूर्त : 11:50:48 – 12:39:49 (अभिलषित)
- राहु काल : 10:43:25 – 12:15:19 (अनुचित)
- यामगंडा : 15:19:08 – 16:51:02 (अनुचित)
- गुलिक काल : 07:39:36 – 09:11:30 (अनुचित)
- दुर्मुहूर्त : 08:34:45 – 09:23:46 (अनुचित)
- वर्ज्यम् : 21:08:12 – 22:44:12 (अनुचित)
इन मुहूर्तों में से कृती‑सम्बन्धी कार्य ब्रह्मा तथा अभिजीत समय में करना अधिक लाभकारी माना गया है, जबकि राहु‑काल एवं गुलिक काल में नकारात्मक परिणामों से बचना उचित है।
सांस्कृतिक व धार्मिक महत्व
शुक्ल अष्टमी को वैदिक ग्रन्थों में विशेष पूजन एवं उपवास के लिए अनुशंसित किया गया है। मूल नक्षत्र के दौरान तपस्, ध्यान व मंत्र उच्चारण से आध्यात्मिक उन्नति की सम्भावना बढ़ती है। इस दिन परिवार के साथ प्रसाद, फल‑फूल एवं पवित्र जल अर्पित करने से गृहस्थ जीवन में शान्ति का संचार होता है।
प्रायोगिक सुझाव
उक्त समय‑सारिणी के अनुसार सुबह 06:07:42 के बाद सूर्य नमस्कार, 11:50:48 से 12:39:49 के बीच कोई भी नया कार्य आरम्भ करने से सफलता दर अधिक होती है। यदि यात्रा की योजना बनानी हो, तो सूर्यास्त के बाद 18:22:56 के बाद का समय सुरक्षित माना जाता है।
समापन प्रतिबिंब
इस प्रकार 19 सितंबर 2026 की पंचांगावली में शुक्ल अष्टमी, मूल नक्षत्र, आयुश्मान योग एवं विशेष मुहूर्तों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया गया है। इन मान्यताओं को अपने दैनिक जीवन में समायोजित करके आप शान्ति व समृद्धि को नेतृत्व कर सकते हैं।
साथ में देखें
शास्त्रीय वैदिक गणना — मुफ़्त ऑनलाइन टूल। रोज़ का अभ्यास Adhyatmic ऐप्स में।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
What does the panchang show for 19 सितंबर 2026?+
This day page lists the Hindu calendar elements for 19 सितंबर 2026 — tithi, nakshatra, and related notes — using the site’s Delhi / IST reference unless stated otherwise.
What is today’s tithi?+
On this page the listed tithi is शुक्ल अष्टमी. Tithi boundaries can shift by location and sunrise; use local confirmation for strict vrat timing.
What nakshatra is listed?+
The nakshatra noted for this day is मूल. See the page details for yoga, karana, and festival markers when present.
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