पंचांग

4 अक्तूबर 2026 का पंचांग

4 अक्तूबर 2026 · सूर्योदय पंचांग · लाहिरी

4 अक्तूबर 2026 का पंचांग

दिल्ली

सूर्योदय पंचांग · लाहिरी

तिथि

कृष्ण नवमी

नक्षत्र

पुनर्वसु · पद 2

योग

परिघ

करण

तैतिल

सूर्योदय

6:15 am

सूर्यास्त

6:03 pm

चंद्रोदय

12:35 am

चंद्रास्त

2:02 pm

दिन का विवरण

वार
रविवार
मास
Bhadrapada
ऋतु / अयन
Sharad · Dakshinayana
चंद्र राशि
मिथुन

वर्ज्य काल

Rahu Kalam

4:35 pm से 6:03 pm

Yamaganda

12:09 pm से 1:38 pm

Gulika Kalam

3:06 pm से 4:35 pm

Dur Muhurta

4:29 pm से 5:16 pm

Varjyam

1:29 pm से 3:05 pm

4 अक्तूबर 2026 का पंचांग

4 अक्तूबर 2026 को कृष्ण नवमी और नक्षत्र पुनर्वसु हैं। यह दिन शनि​वार को पड़ता है और शरद ऋतु (Sharad) के अंतर्गत डाकिनीयन (Dakshinayana) में स्थित है। माहभाव में भाद्रपदा महीने का छठा दिन धरा गया है।

तिथि, नक्षत्र एवं वार

  • तिथि: कृष्ण नवमी
  • नक्षत्र: पुनर्वसु
  • वार: शनि​वार

कृष्ण नवमी का महत्व आध्यात्मिक अनुष्ठानों में विशेष है, जबकि पुनर्वसु नक्षत्र मित्रता और सहयोग का प्रतीक माना जाता है। यह संयोजन उन कार्यों के लिये अनुकूल है जिनमें सामाजिक सहभागिता की आवश्यकता होती है।

योग और करन

इस दिन Parigha (योग 19) है तथा Taitila (करण 47) चल रहा है। Parigha योग शारीरिक शक्ति में वृद्धि और साहस प्रदान करता है, जबकि Taitila करन संकल्प शक्ति को पुष्ट करता है।

सूर्य‑चंद्र स्थितियां

सुर्य काउदय 06:15:50 बजे तथाअस्त 18:03:56 बजे हुआ। चंद्रमा काउदय अगले दिन 00:35:31 बजे औरअस्त उसी दिवस 14:02:08 बजे हुआ। चंद्रमा प्रथम पाद (moonPada 1) में त्रिकुण्ड (Mithuna) राशि में स्थित है, जबकि सूर्य तुल्य (Kanya) राशि में स्थित है।

प्रमुख मुहूर्त

वर्तमान दिन के लिये निम्नलिखित मुहूर्त विशेष महत्व रखते हैं:

  • Brahma Muhurta: 04:39:50 – 05:27:50 (अशुभ नहीं)
  • Abhijit Muhurta: 11:46:16 – 12:33:29 (अशुभ नहीं)
  • Rahu Kalam: 09:12:51 – 10:41:22 (अनुचित)
  • Yamaganda: 13:38:23 – 15:06:54 (अनुचित)
  • Gulika Kalam: 06:15:50 – 07:44:21 (अनुचित)
  • Dur Muhurta 1: 06:15:50 – 07:03:02 (अनुचित)
  • Dur Muhurta 2: 07:03:02 – 07:50:15 (अनुचित)
  • Varjyam: 13:29:49 – 15:05:49 (अनुचित)

सवाल‑जवाब या महत्वपूर्ण कार्यों को Abhijit Muhurta तथा Brahma Muhurta में रखें, क्योंकि इन क्षणों की गुणवत्ता auspicious मानी जाती है।

दिनचर्या हेतु सुझाव

प्रातःकाल में उपवास, ध्यान व प्रार्थना करने से तिथि­नवमी एवं पुनर्वसु नक्षत्र के सकारात्मक प्रभावों का पूर्ण लाभ प्राप्त किया जा सकता है। दोपहर के बाद के समय में, विशेषकर Rahu Kalam एवं Gulika Kalam के दौरान गंभीर कार्यों से परहेज करना उचित माना जाता है।

समग्र रूप से 4 अक्तूबर 2026 का दिन आध्यात्मिक तथा सामाजिक दोनों पहलुओं में संतुलन स्थापित करने का अवसर प्रदान करता है। उचित समय‑निर्धारण को ध्यान में रखकर आप इस दिन के शुभ प्रभावों का अधिकतम लाभ उठा सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

What does the panchang show for 4 अक्तूबर 2026?+

This day page lists the Hindu calendar elements for 4 अक्तूबर 2026 — tithi, nakshatra, and related notes — using the site’s Delhi / IST reference unless stated otherwise.

What is today’s tithi?+

On this page the listed tithi is कृष्ण नवमी. Tithi boundaries can shift by location and sunrise; use local confirmation for strict vrat timing.

What nakshatra is listed?+

The nakshatra noted for this day is पुनर्वसु. See the page details for yoga, karana, and festival markers when present.

How do I browse other days?+

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