29 अक्तूबर 2026 का पंचांग
29 अक्तूबर 2026 · सूर्योदय पंचांग · लाहिरी

दिल्ली
सूर्योदय पंचांग · लाहिरी
तिथि
कृष्ण चतुर्थी
नक्षत्र
मृगशिरा · पद 1
योग
परिघ
करण
बालव
सूर्योदय
6:31 am
सूर्यास्त
5:38 pm
चंद्रोदय
8:12 pm
चंद्रास्त
9:56 am
दिन का विवरण
- वार
- गुरुवार
- मास
- Ashwina
- ऋतु / अयन
- Sharad · Dakshinayana
- चंद्र राशि
- वृषभ
वर्ज्य काल
Rahu Kalam
1:28 pm से 2:51 pm
Yamaganda
6:31 am से 7:54 am
Gulika Kalam
9:17 am से 10:41 am
Dur Muhurta
10:13 am से 10:58 am
Varjyam
4:47 pm से 6:23 pm
29 अक्तूबर 2026 का पंचांग
सामान्य सार
यह दिन कृष्ण तृतीया एवं नक्षत्र रोहिणी के अंतर्गत आता है। वार Budhavara तथा माह Ashwina के साथ शरद ऋतु (Sharad) का हिस्सा है और यह दक्षिणायन (Dakshinayana) काल में स्थित है। इन सभी तत्वों का मिलन इस तिथि को आध्यात्मिक एवं सामाजिक पहलुओं में प्रासंगिक बनाता है।
तिथि व नक्षत्र का महत्व
कृष्ण तृतीया हर महीने में दो बार आती है, परंतु इस तिथि का विशेष महत्व यह है कि यह ऋतुओं के परिवर्तन व पर्वों की तैयारी में सहायक होती है। रोहिणी नक्षत्र वृषभ राशि के अंतर्गत आता है, जो सौंदर्य, समृद्धि व कल्याण से जुड़ा माना जाता है। इस नक्षत्र में किए गए कार्यों का फल तेज़ी से प्राप्त होने की सम्भावना रहती है।
योग व करण का विवरण
आज का योग Variyana (संख्या 18) है, जो गति एवं परिवर्तन का प्रतीक है। करण Vishti (संख्या 36) अक्सर छोटे‑छोटे बाधाओं को संकेतित करता है, परन्तु उचित समय एवं साधना से इन बाधाओं को पार किया जा सकता है। इस योग‑करण के सामंजस्य को समझकर शारीरिक एवं आध्यात्मिक कार्यों को नियोजित किया जा सकता है।
ग्रहीय स्थिति व राशि‑स्थिति
सूर्य तुला (Libra) राशि में है, जो संतुलन, न्याय व सौहार्द का प्रतीक है। चंद्रमा वृषभ (Taurus) राशि में स्थित है और उसका पाद दो है, जो स्थिरता व धैर्य दर्शाता है। सूर्य का उदय 06:30:24 तथा सूर्यास्त 17:39:23 बजे हुआ, जिससे दिन की अवधि लगभग 11 घंटे 9 मिनट है। चंद्रमा का उदय 19:11:37 तथा चंद्रास्त 08:46:43 बजे हुआ, जिससे रात में प्रकाश की अवधि स्पष्ट रूप से परिभाषित होती है।
मुख्य मुहूर्त
- Brahma Muhurta: 04:54:24 – 05:42:24 (शुभ) – यह समय शांति व ध्यान के लिए अत्यधिक अनुकूल माना जाता है।
- Rahu Kalam: 12:04:54 – 13:28:31 (अशुभ) – इस अवधि में नई शुरुआत या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचना उत्तम रहता है।
- Yamaganda: 07:54:02 – 09:17:39 (अशुभ) – इस समय में यात्रा या शारीरिक परिश्रम से जुड़ी गतिविधियों को सीमित करने की सलाह दी जाती है।
- Gulika Kalam: 10:41:16 – 12:04:54 (अशुभ) – व्यापारिक लेन‑देनों में सावधानी बरतना लाभदायक हो सकता है।
- Dur Muhurta: 11:42:36 – 12:27:12 (अशुभ) – इस अंतराल में विवाद या उलझन उत्पन्न हो सकती है, इसलिए संवाद को सुगंधित रखें।
- Varjyam: 05:26:07 – 07:02:07 (अशुभ) – इस समय में कुछ कार्यों को टालना उचित माना जाता है।
आष्विन माह व शरद ऋतु की विशेषता
आश्विन मास शरद ऋतु का प्रमुख माह है, जिसमें दीपोत्सव, नवरात्रि व उत्पादक कार्यों का विशेष महत्व होता है। इस अवधि में प्रकृति के रंग बदलते हैं, तथा कृषि कार्यों में कटनी का मौसम शुरू होने की संभावना रहती है। इसलिए इस तिथि को कृषि‑से संबंधित कार्यों, उत्सव आयोजन व आध्यात्मिक पाठों में उपयोगी माना जाता है।
निष्कर्ष
उपरोक्त पंचांग के आधार पर 29 अक्तूबर 2026 को कई कार्यों के लिये उपयुक्त समय चयन किया जा सकता है। विशेष रूप से Brahma Muhurta में प्रारम्भ किए गये आध्यात्मिक या अध्ययन‑संबंधी कार्यों को शुभ फल की अपेक्षा की जा सकती है, जबकि Rahu Kalam व अन्य अशुभ काल में सावधानी बरतना उपयोगी रहेगा। इस प्रकार का पंचांग विश्लेषण दैनिक जीवन में कार्य‑प्राथमिकता निर्धारण व समय‑सारिणी बनाने में मददगार सिद्ध होता है।
साथ में देखें
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
What does the panchang show for 29 अक्तूबर 2026?+
This day page lists the Hindu calendar elements for 29 अक्तूबर 2026 — tithi, nakshatra, and related notes — using the site’s Delhi / IST reference unless stated otherwise.
What is today’s tithi?+
On this page the listed tithi is कृष्ण चतुर्थी. Tithi boundaries can shift by location and sunrise; use local confirmation for strict vrat timing.
What nakshatra is listed?+
The nakshatra noted for this day is मृगशिरा. See the page details for yoga, karana, and festival markers when present.
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