अश्लेषा नक्षत्र (Ashlesha) — देवता, स्वभाव, फल और नाम अक्षर
अश्लेषा — वाचाल पर मुग्धकारी वाणी; बुद्धि और नेतृत्व। अविश्वास, स्वतंत्रता प्रिय। अनुयायियों हित हेतु सीमा पार; कृतज्ञता कम; उग्र …
🐍 अश्लेषा (Ashlesha) वैदिक ज्योतिष के २७ नक्षत्रों में 9वाँ नक्षत्र है। देवता नाग, विंशोत्तरी दशा स्वामी बुध, राशि-सीमा कर्क 16°40′–30°। अन्य नाम: अहि · भुजंग · सार्पी।
गहन बुद्धि और आकर्षण। रहस्य–मंत्र शक्ति; नाग देवता।
देवता सर्प; चक्र-आकृति और गंडमूल संकेत।
शास्त्रीय जन्मफल
शास्त्रीय संकेत: क्रोधातिरेक और कृतज्ञता-अभाव की शास्त्रीय सावधानी; आचरण में सतर्कता।
गुण संकेत: सहजज्ञानी, गहन, बुद्धिमान
आकृति / व्यक्तित्व
भेदक दृष्टि; भाग्यशाली-हृष्टपुष्ट पर रुग्ण आभास। आकृति चक्र जैसी। जातिकाएं विशेष सुंदर नहीं।
स्वभाव
वाचाल पर मुग्धकारी वाणी; बुद्धि और नेतृत्व। अविश्वास, स्वतंत्रता प्रिय। अनुयायियों हित हेतु सीमा पार; कृतज्ञता कम; उग्र स्वभाव से शत्रु/धोखा। नशे से बचें।
शिक्षा / कर्म
कला व वाणिज्य में शैक्षिक रुचि; प्रशासन संभव; शिक्षा/इंजीनियरिंग (ग्रह फल)।
विवाह · जातक
पत्नियाँ अक्सर समझ न पाएँ; स्वार्थपरता; शुक्र स्थिति वैवाहिक दृष्टि से प्रायः अशुभ।
विवाह · जातिका
उच्च नैतिक आदर्श, आत्मसंयम, लज्जा; घरेलू व प्रशासनिक कार्यदक्ष।
स्वास्थ्य
रुग्ण आभास; चंद्र/शनि दृष्टि स्वास्थ्य के लिए सावधानी। गंडमूल नक्षत्र।
शास्त्रीय स्वास्थ्य-संकेत
शास्त्रीय रोग-संकेत: रोगाधिक्य, सर्वांग पीड़ा, सर्प/विष भय। पारंपरिक उपचार में पटोलमूल बंधन का उल्लेख।
नक्षत्र गुण तालिका
| आकृति | कुंडली सर्प · Coiled Serpent |
|---|---|
| दशा स्वामी | बुध (Mercury) |
| देवता | नाग (Nagas) |
| सीमा | कर्क 16°40′–30° |
| स्वभाव | Tikshna |
| मुख | Adho Mukha |
| दृष्टि · तारे · गण | Madhyaksha · 5 · राक्षस |
| खगोलीय नाम | δ / ε / ζ / η / ρ Hydrae |
| तमिल · मलयालम | Aayilyam · Aayilyam |
| संज्ञा | तीक्ष्ण/दारुण — उग्र/भयंकर कर्म, पशु प्रशिक्षण, बन्धन, अग्निकर्म आदि |
| मुख-उपयोग | अधोमुख: कूप-तड़ाग खनन, नींव, बोरिंग आदि |
| नेत्र संज्ञा | मंद — खोई वस्तु: प्रयत्न से लाभ |
| योनि · नाड़ी | मार्जार · अंत्य |
| गंडमूल | हाँ — मुहूर्त/जन्म में शास्त्रीय सावधानी |
नामकरण अक्षर (चरण)
शास्त्रीय चरणाक्षर (देवनागरी), रोमन रूप और चरण स्वामी:
पद 1 डीDi गुरु | पद 2 डूDu शनि | पद 3 डेDe शनि | पद 4 डोDo गुरु |
जन्म नक्षत्र कैसे जानें?
जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में हो, वही जन्म-नक्षत्र माना जाता है। कुंडली से अपना नक्षत्र और पद देखें, अथवा आज का पंचांग पर चंद्र नक्षत्र देखें। सभी नक्षत्र: २७ नक्षत्र सूची।
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आध्यात्मिक / ज्योतिषीय परिचय मात्र — चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
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