अश्लेषा नक्षत्र (Ashlesha) — देवता, स्वभाव, फल और नाम अक्षर

अश्लेषा — वाचाल पर मुग्धकारी वाणी; बुद्धि और नेतृत्व। अविश्वास, स्वतंत्रता प्रिय। अनुयायियों हित हेतु सीमा पार; कृतज्ञता कम; उग्र …

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April 2, 2024
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🐍 अश्लेषा (Ashlesha) वैदिक ज्योतिष के २७ नक्षत्रों में 9वाँ नक्षत्र है। देवता नाग, विंशोत्तरी दशा स्वामी बुध, राशि-सीमा कर्क 16°40′–30°। अन्य नाम: अहि · भुजंग · सार्पी।

गहन बुद्धि और आकर्षण। रहस्य–मंत्र शक्ति; नाग देवता।

देवता सर्प; चक्र-आकृति और गंडमूल संकेत।

शास्त्रीय जन्मफल

शास्त्रीय संकेत: क्रोधातिरेक और कृतज्ञता-अभाव की शास्त्रीय सावधानी; आचरण में सतर्कता।

गुण संकेत: सहजज्ञानी, गहन, बुद्धिमान

आकृति / व्यक्तित्व

भेदक दृष्टि; भाग्यशाली-हृष्टपुष्ट पर रुग्ण आभास। आकृति चक्र जैसी। जातिकाएं विशेष सुंदर नहीं।

स्वभाव

वाचाल पर मुग्धकारी वाणी; बुद्धि और नेतृत्व। अविश्वास, स्वतंत्रता प्रिय। अनुयायियों हित हेतु सीमा पार; कृतज्ञता कम; उग्र स्वभाव से शत्रु/धोखा। नशे से बचें।

शिक्षा / कर्म

कला व वाणिज्य में शैक्षिक रुचि; प्रशासन संभव; शिक्षा/इंजीनियरिंग (ग्रह फल)।

विवाह · जातक

पत्नियाँ अक्सर समझ न पाएँ; स्वार्थपरता; शुक्र स्थिति वैवाहिक दृष्टि से प्रायः अशुभ।

विवाह · जातिका

उच्च नैतिक आदर्श, आत्मसंयम, लज्जा; घरेलू व प्रशासनिक कार्यदक्ष।

स्वास्थ्य

रुग्ण आभास; चंद्र/शनि दृष्टि स्वास्थ्य के लिए सावधानी। गंडमूल नक्षत्र।

शास्त्रीय स्वास्थ्य-संकेत

शास्त्रीय रोग-संकेत: रोगाधिक्य, सर्वांग पीड़ा, सर्प/विष भय। पारंपरिक उपचार में पटोलमूल बंधन का उल्लेख।

नक्षत्र गुण तालिका

आकृतिकुंडली सर्प · Coiled Serpent
दशा स्वामीबुध (Mercury)
देवतानाग (Nagas)
सीमाकर्क 16°40′–30°
स्वभावTikshna
मुखAdho Mukha
दृष्टि · तारे · गणMadhyaksha · 5 · राक्षस
खगोलीय नामδ / ε / ζ / η / ρ Hydrae
तमिल · मलयालमAayilyam · Aayilyam
संज्ञातीक्ष्ण/दारुण — उग्र/भयंकर कर्म, पशु प्रशिक्षण, बन्धन, अग्निकर्म आदि
मुख-उपयोगअधोमुख: कूप-तड़ाग खनन, नींव, बोरिंग आदि
नेत्र संज्ञामंद — खोई वस्तु: प्रयत्न से लाभ
योनि · नाड़ीमार्जार · अंत्य
गंडमूलहाँ — मुहूर्त/जन्म में शास्त्रीय सावधानी

नामकरण अक्षर (चरण)

शास्त्रीय चरणाक्षर (देवनागरी), रोमन रूप और चरण स्वामी:

पद 1
डी
Di
गुरु
पद 2
डू
Du
शनि
पद 3
डे
De
शनि
पद 4
डो
Do
गुरु

जन्म नक्षत्र कैसे जानें?

जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में हो, वही जन्म-नक्षत्र माना जाता है। कुंडली से अपना नक्षत्र और पद देखें, अथवा आज का पंचांग पर चंद्र नक्षत्र देखें। सभी नक्षत्र: २७ नक्षत्र सूची

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आध्यात्मिक / ज्योतिषीय परिचय मात्र — चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।

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