पुष्य नक्षत्र (Pushya) — देवता, स्वभाव, फल और नाम अक्षर
पुष्य — अस्थिर मति, संदेहशील; प्रशंसा से फूले, आलोचना असह्य। जन्मजात प्रतिभा; अवैध/अनैतिक विरोध। सौंपे कार्य ईमानदारी से।…
🪷 पुष्य (Pushya) वैदिक ज्योतिष के २७ नक्षत्रों में 8वाँ नक्षत्र है। देवता बृहस्पति, विंशोत्तरी दशा स्वामी शनि, राशि-सीमा कर्क 3°20′–16°40′। अन्य नाम: तिस्य · अमरेज्या · अन-तराह (अरबी) · पुष्प।
पोषण और शुभता की प्रमुख नक्षत्र। धर्म–सेवा के लिए अत्यंत अनुकूल मानी जाती है।
देवता बृहस्पति/गुरु; पुष्टि और राजप्रियता।
शास्त्रीय जन्मफल
शास्त्रीय संकेत: देव-द्विज भक्ति, अति बुद्धि, राजप्रियता और बंधु-सुख।
गुण संकेत: पोषक, ज्ञानी, रक्षक
आकृति / व्यक्तित्व
आकर्षक व्यक्तित्व संभव; तृतीय चरण सूर्य में लंबे कद व दृष्टि विकार की सावधानी।
स्वभाव
अस्थिर मति, संदेहशील; प्रशंसा से फूले, आलोचना असह्य। जन्मजात प्रतिभा; अवैध/अनैतिक विरोध। सौंपे कार्य ईमानदारी से।
शिक्षा / कर्म
थियेटर, कला, वाणिज्य; इंजीनियरिंग/अंतरिक्ष; उद्योग/शासकीय सेवा।
विवाह · जातक
पारिवारिक जीवन समस्याग्रस्त; पत्नी-बच्चों से दूर रहना संभव पर आसक्ति बनी रहती।
विवाह · जातिका
शांतिप्रिय, समर्पण — दबाव/दुर्व्यवहार की शिकार हो सकती हैं। मन की बात न कहने से गलतफहमी; वैवाहिक आत्म-पीड़ा की सावधानी।
स्वास्थ्य
जातिकाओं में श्वास रोग; सूर्य — पित्त-कफ; चंद्र प्रथम — कफ-वायु।
शास्त्रीय स्वास्थ्य-संकेत
शास्त्रीय रोग-संकेत: तीव्र ज्वर, शूल, दर्द। पारंपरिक उपचार में कुश-मूल बंधन का उल्लेख।
नक्षत्र गुण तालिका
| आकृति | बाण / कमल · Arrow / Lotus |
|---|---|
| दशा स्वामी | शनि (Saturn) |
| देवता | बृहस्पति (Brihaspati) |
| सीमा | कर्क 3°20′–16°40′ |
| स्वभाव | Kshipra, Laghu |
| मुख | Urdhwa Mukha |
| दृष्टि · तारे · गण | Andhaksha · 3 · देव |
| खगोलीय नाम | γ / δ / θ Cancri |
| तमिल · मलयालम | Poosam · Pooyyam |
| संज्ञा | क्षिप्र/लघु — रतिकर्म, क्रय-विक्रय, शास्त्राभ्यास, आभूषण, शिल्प, ६४ कला |
| मुख-उपयोग | ऊर्ध्वमुख: प्रासाद निर्माण, राज्याभिषेक, ध्वजारोहण, ऊँचाई संबंधी कार्य |
| नेत्र संज्ञा | अंध — खोई वस्तु: शीघ्र लाभ का शास्त्रीय संकेत |
| योनि · नाड़ी | मेष · मध्य |
नामकरण अक्षर (चरण)
शास्त्रीय चरणाक्षर (देवनागरी), रोमन रूप और चरण स्वामी:
पद 1 हूHu सूर्य | पद 2 हेHe बुध | पद 3 होHo शुक्र | पद 4 डाDa मंगल |
जन्म नक्षत्र कैसे जानें?
जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में हो, वही जन्म-नक्षत्र माना जाता है। कुंडली से अपना नक्षत्र और पद देखें, अथवा आज का पंचांग पर चंद्र नक्षत्र देखें। सभी नक्षत्र: २७ नक्षत्र सूची।
संबंधित
सभी २७ नक्षत्र · पुष्य · राशिफल · मुहूर्त · नक्षत्र लेख
- आर्द्रा (Ardra)
- पुनर्वसु (Punarvasu)
- अश्लेषा (Ashlesha)
- मघा (Magha)
- पूर्व फाल्गुनी (Purva Phalguni)
- उत्तर फाल्गुनी (Uttara Phalguni)
आध्यात्मिक / ज्योतिषीय परिचय मात्र — चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
Comments (0)