पुष्य नक्षत्र (Pushya) — देवता, स्वभाव, फल और नाम अक्षर

पुष्य — अस्थिर मति, संदेहशील; प्रशंसा से फूले, आलोचना असह्य। जन्मजात प्रतिभा; अवैध/अनैतिक विरोध। सौंपे कार्य ईमानदारी से।…

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February 13, 2024
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🪷 पुष्य (Pushya) वैदिक ज्योतिष के २७ नक्षत्रों में 8वाँ नक्षत्र है। देवता बृहस्पति, विंशोत्तरी दशा स्वामी शनि, राशि-सीमा कर्क 3°20′–16°40′। अन्य नाम: तिस्य · अमरेज्या · अन-तराह (अरबी) · पुष्प।

पोषण और शुभता की प्रमुख नक्षत्र। धर्म–सेवा के लिए अत्यंत अनुकूल मानी जाती है।

देवता बृहस्पति/गुरु; पुष्टि और राजप्रियता।

शास्त्रीय जन्मफल

शास्त्रीय संकेत: देव-द्विज भक्ति, अति बुद्धि, राजप्रियता और बंधु-सुख।

गुण संकेत: पोषक, ज्ञानी, रक्षक

आकृति / व्यक्तित्व

आकर्षक व्यक्तित्व संभव; तृतीय चरण सूर्य में लंबे कद व दृष्टि विकार की सावधानी।

स्वभाव

अस्थिर मति, संदेहशील; प्रशंसा से फूले, आलोचना असह्य। जन्मजात प्रतिभा; अवैध/अनैतिक विरोध। सौंपे कार्य ईमानदारी से।

शिक्षा / कर्म

थियेटर, कला, वाणिज्य; इंजीनियरिंग/अंतरिक्ष; उद्योग/शासकीय सेवा।

विवाह · जातक

पारिवारिक जीवन समस्याग्रस्त; पत्नी-बच्चों से दूर रहना संभव पर आसक्ति बनी रहती।

विवाह · जातिका

शांतिप्रिय, समर्पण — दबाव/दुर्व्यवहार की शिकार हो सकती हैं। मन की बात न कहने से गलतफहमी; वैवाहिक आत्म-पीड़ा की सावधानी।

स्वास्थ्य

जातिकाओं में श्वास रोग; सूर्य — पित्त-कफ; चंद्र प्रथम — कफ-वायु।

शास्त्रीय स्वास्थ्य-संकेत

शास्त्रीय रोग-संकेत: तीव्र ज्वर, शूल, दर्द। पारंपरिक उपचार में कुश-मूल बंधन का उल्लेख।

नक्षत्र गुण तालिका

आकृतिबाण / कमल · Arrow / Lotus
दशा स्वामीशनि (Saturn)
देवताबृहस्पति (Brihaspati)
सीमाकर्क 3°20′–16°40′
स्वभावKshipra, Laghu
मुखUrdhwa Mukha
दृष्टि · तारे · गणAndhaksha · 3 · देव
खगोलीय नामγ / δ / θ Cancri
तमिल · मलयालमPoosam · Pooyyam
संज्ञाक्षिप्र/लघु — रतिकर्म, क्रय-विक्रय, शास्त्राभ्यास, आभूषण, शिल्प, ६४ कला
मुख-उपयोगऊर्ध्वमुख: प्रासाद निर्माण, राज्याभिषेक, ध्वजारोहण, ऊँचाई संबंधी कार्य
नेत्र संज्ञाअंध — खोई वस्तु: शीघ्र लाभ का शास्त्रीय संकेत
योनि · नाड़ीमेष · मध्य

नामकरण अक्षर (चरण)

शास्त्रीय चरणाक्षर (देवनागरी), रोमन रूप और चरण स्वामी:

पद 1
हू
Hu
सूर्य
पद 2
हे
He
बुध
पद 3
हो
Ho
शुक्र
पद 4
डा
Da
मंगल

जन्म नक्षत्र कैसे जानें?

जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में हो, वही जन्म-नक्षत्र माना जाता है। कुंडली से अपना नक्षत्र और पद देखें, अथवा आज का पंचांग पर चंद्र नक्षत्र देखें। सभी नक्षत्र: २७ नक्षत्र सूची

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आध्यात्मिक / ज्योतिषीय परिचय मात्र — चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।

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