परिचय
पोषण और शुभता की प्रमुख नक्षत्र। धर्म–सेवा के लिए अत्यंत अनुकूल मानी जाती है।
देवता बृहस्पति/गुरु; पुष्टि और राजप्रियता।
जन्मफल · शास्त्रीय संकेत: देव-द्विज भक्ति, अति बुद्धि, राजप्रियता और बंधु-सुख।
आकृति
आकर्षक व्यक्तित्व संभव; तृतीय चरण सूर्य में लंबे कद व दृष्टि विकार की सावधानी।
स्वभाव
अस्थिर मति, संदेहशील; प्रशंसा से फूले, आलोचना असह्य। जन्मजात प्रतिभा; अवैध/अनैतिक विरोध। सौंपे कार्य ईमानदारी से।
शिक्षा / कर्म
थियेटर, कला, वाणिज्य; इंजीनियरिंग/अंतरिक्ष; उद्योग/शासकीय सेवा।
विवाह · जातक
पारिवारिक जीवन समस्याग्रस्त; पत्नी-बच्चों से दूर रहना संभव पर आसक्ति बनी रहती।
विवाह · जातिका
शांतिप्रिय, समर्पण — दबाव/दुर्व्यवहार की शिकार हो सकती हैं। मन की बात न कहने से गलतफहमी; वैवाहिक आत्म-पीड़ा की सावधानी।
स्वास्थ्य
जातिकाओं में श्वास रोग; सूर्य — पित्त-कफ; चंद्र प्रथम — कफ-वायु।
शास्त्रीय रोग-संकेत · उपचार
रोग-संकेत: तीव्र ज्वर, शूल, दर्द
उपचार: पारंपरिक उल्लेख: कुश-मूल बंधन।
पारंपरिक ज्योतिषीय उल्लेख मात्र — चिकित्सा सलाह नहीं।
- आकृति
बाण / कमल · Arrow / Lotus- सीमा
- कर्क 3°20′–16°40′
- दशा स्वामी
- शनि (Saturn)
- देवता
- बृहस्पति (Brihaspati)
- वर्ण · जाति
- क्षत्रिय वर्ण
- संज्ञा
- क्षिप्र/लघु
- योनि · नाड़ी
- मेष · मध्य
- गण
- देव



























