परिचय
शतभिषक्—सौ औषधियाँ। चिकित्सा और रहस्य; वरुण देवता।
देवता वरुण; शत तारका — वृत्त-आकृति।
जन्मफल · शास्त्रीय संकेत: कालज्ञ, शांतचित्त, अल्पभोजी और साहसी।
आकृति
अभिजात आभा; कोमल शरीर, आकर्षक आँखें, चौड़ा माथा, किंचित बाहर उदर। जातिकाएं सुंदर।
स्वभाव
विलक्षण स्मरण; सत्यनिष्ठ — सत्य हेतु बलिदान से न हिचकें; निःस्वार्थ, कोमल हृदय; निर्णय पर अडिग; धार्मिक पुट। क्रोध दुर्लभ पर प्रचंड — शीघ्र शांत। प्रदर्शनप्रिय नहीं; संकोच से प्रतिभा छिपती, बातचीत में प्रकट।
शिक्षा / कर्म
साहित्यिक प्रतिभा शीघ्र प्रकाश; उच्च शिक्षा। मनोविज्ञान, स्पर्श-चिकित्सा, ज्योतिष, चिकित्सा में दक्षता।
विवाह · जातक
प्रियजन/भाइयों से मानसिक यातना; माता-पिता स्नेह-संरक्षण। उदारता से लोकप्रिय।
विवाह · जातिका
मूल प्रकृति शांत पर क्रोध प्रचंड — लोग समझ न पाएँ। उदार; विज्ञान रुचि — कुशल चिकित्सक। पति निष्ठा पर वैवाहिक जीवन विशेष सुखी नहीं — लंबे अलगाव योग।
स्वास्थ्य
प्रत्यक्ष स्वस्थ पर चोट असह्य; श्वास, मूत्र रोग, मधुमेह; कामातिरेक सावधानी; शीत से बचें। जातिकाएं छाती/मूत्रमार्ग रोग — सतर्क।
शास्त्रीय रोग-संकेत · उपचार
रोग-संकेत: सन्निपात ज्वर, वात, ज्वर
स्रोत में विशिष्ट पादप-उपचार उल्लेख अधूरा।
पारंपरिक ज्योतिषीय उल्लेख मात्र — चिकित्सा सलाह नहीं।
- आकृति
खाली चक्र / औषधि · Empty Circle- सीमा
- कुंभ 6°40′–20°
- दशा स्वामी
- राहु (Rahu)
- देवता
- वरुण (Varuna)
- वर्ण · जाति
- उग्र जाति
- संज्ञा
- चर/चल
- योनि · नाड़ी
- अश्व · आदि
- गण
- राक्षस



























