शतभिषा नक्षत्र (Shatabhisha) — देवता, स्वभाव, फल और नाम अक्षर

शतभिषा — विलक्षण स्मरण; सत्यनिष्ठ — सत्य हेतु बलिदान से न हिचकें; निःस्वार्थ, कोमल हृदय; निर्णय पर अडिग; धार्मिक पुट। क्रोध दुर्ल…

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April 20, 2026
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⭕ शतभिषा (Shatabhisha) वैदिक ज्योतिष के २७ नक्षत्रों में 24वाँ नक्षत्र है। देवता वरुण, विंशोत्तरी दशा स्वामी राहु, राशि-सीमा कुंभ 6°40′–20°। अन्य नाम: प्रचोता · शततारका · वरुण · सादे अल मलिक (अरबी)।

शतभिषक्—सौ औषधियाँ। चिकित्सा और रहस्य; वरुण देवता।

देवता वरुण; शत तारका — वृत्त-आकृति।

शास्त्रीय जन्मफल

शास्त्रीय संकेत: कालज्ञ, शांतचित्त, अल्पभोजी और साहसी।

गुण संकेत: शोधकर्ता, उपचारक, स्वतंत्र

आकृति / व्यक्तित्व

अभिजात आभा; कोमल शरीर, आकर्षक आँखें, चौड़ा माथा, किंचित बाहर उदर। जातिकाएं सुंदर।

स्वभाव

विलक्षण स्मरण; सत्यनिष्ठ — सत्य हेतु बलिदान से न हिचकें; निःस्वार्थ, कोमल हृदय; निर्णय पर अडिग; धार्मिक पुट। क्रोध दुर्लभ पर प्रचंड — शीघ्र शांत। प्रदर्शनप्रिय नहीं; संकोच से प्रतिभा छिपती, बातचीत में प्रकट।

शिक्षा / कर्म

साहित्यिक प्रतिभा शीघ्र प्रकाश; उच्च शिक्षा। मनोविज्ञान, स्पर्श-चिकित्सा, ज्योतिष, चिकित्सा में दक्षता।

विवाह · जातक

प्रियजन/भाइयों से मानसिक यातना; माता-पिता स्नेह-संरक्षण। उदारता से लोकप्रिय।

विवाह · जातिका

मूल प्रकृति शांत पर क्रोध प्रचंड — लोग समझ न पाएँ। उदार; विज्ञान रुचि — कुशल चिकित्सक। पति निष्ठा पर वैवाहिक जीवन विशेष सुखी नहीं — लंबे अलगाव योग।

स्वास्थ्य

प्रत्यक्ष स्वस्थ पर चोट असह्य; श्वास, मूत्र रोग, मधुमेह; कामातिरेक सावधानी; शीत से बचें। जातिकाएं छाती/मूत्रमार्ग रोग — सतर्क।

शास्त्रीय स्वास्थ्य-संकेत

शास्त्रीय रोग-संकेत: सन्निपात ज्वर, वात, ज्वर।

नक्षत्र गुण तालिका

आकृतिखाली चक्र / औषधि · Empty Circle
दशा स्वामीराहु (Rahu)
देवतावरुण (Varuna)
सीमाकुंभ 6°40′–20°
स्वभावChara
मुखTiryang Mukha
दृष्टि · तारे · गणMadhyaksha · 100 · राक्षस
खगोलीय नामλ Aquarii
तमिल · मलयालमChathayam · Chathayam
संज्ञाचर/चल — गजाश्वारोहण, गमनागमन, यान चालन आदि
मुख-उपयोगऊर्ध्वमुख: प्रासाद निर्माण, राज्याभिषेक, ध्वजारोहण, ऊँचाई संबंधी कार्य
नेत्र संज्ञामंद — खोई वस्तु: प्रयत्न से लाभ
योनि · नाड़ीअश्व · आदि

नामकरण अक्षर (चरण)

शास्त्रीय चरणाक्षर (देवनागरी), रोमन रूप और चरण स्वामी:

पद 1
मो
Go
गुरु
पद 2
सा
Sa
शनि
पद 3
सी
Si
शनि
पद 4
सू
Su
गुरु

जन्म नक्षत्र कैसे जानें?

जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में हो, वही जन्म-नक्षत्र माना जाता है। कुंडली से अपना नक्षत्र और पद देखें, अथवा आज का पंचांग पर चंद्र नक्षत्र देखें। सभी नक्षत्र: २७ नक्षत्र सूची

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