परिचय
अजेय विस्तार का भाव। जल देवता; शुक्र दशा स्वामी।
देवता जल/आपः; हाथी-दाँत जैसी ताराकृति।
जन्मफल · शास्त्रीय संकेत: चरित्र-संयम की सावधानी; मान, सुख-संपन्नता और शांत बुद्धि।
आकृति
बुद्धिमान आभा। जातिकाएं सुंदर — लंबी नाक, भव्य चेहरा, चुम्बकीय नेत्र।
स्वभाव
तार्किक, अपनी बात पर अड़े, ईश्वरभक्त, विनम्र, पाखंडरहित, सहृदय। लेखन/काव्य रुचि। कभी अतिशीघ्र निष्कर्ष, कभी अतिविचार — निर्णय के बाद पीछे नहीं हटते।
शिक्षा / कर्म
अच्छी शिक्षा; चिकित्सा विशेष चमक; गुह्य विद्या रुचि। व्यवसाय सफलता — अधीनस्थ ईमानदार हों तो।
विवाह · जातक
विवाह प्रायः विलंब; वैवाहिक जीवन न्यूनाधिक सुखी — पत्नी से गहरा स्नेह। संतान अच्छी।
विवाह · जातिका
बुद्धिमती, ऊर्जावान, सक्रिय; झुकना नहीं जानतीं; सोच-विचार कर निर्णय। झूठ से चिढ़; निःसंकोच अभिव्यक्ति। गृहकार्य चतुर; पति प्रसन्नता; पारिवारिक सुख।
स्वास्थ्य
श्वास संबंधी शिकायत हल्के में न लें। जातिकाओं को गर्भाशय संबंधी शिकायत उपेक्षा न करें।
शास्त्रीय रोग-संकेत · उपचार
रोग-संकेत: सिर दर्द, शरीर पीड़ा, कंपन
उपचार: पारंपरिक उल्लेख: कपास-मूल धारण।
पारंपरिक ज्योतिषीय उल्लेख मात्र — चिकित्सा सलाह नहीं।
- आकृति
हाथी दाँत / पंखा · Elephant Tusk / Fan- सीमा
- धनु 13°20′–26°40′
- दशा स्वामी
- शुक्र (Venus)
- देवता
- आपः (Apas (Waters))
- वर्ण · जाति
- ब्राह्मण वर्ण
- संज्ञा
- उग्र/क्रूर
- योनि · नाड़ी
- वानर · मध्य
- गण
- मनुष्य



























