कृत्तिका नक्षत्र (Krittika) — देवता, स्वभाव, फल और नाम अक्षर
कृत्तिका — अत्यंत बुद्धिमान, अच्छे सलाहकार, आशावादी, परिश्रमी, वचन-पक्के और समाजसेवी। अहं अधिक — त्रुटि स्वीकार कठिन; परिस्थितियों …
🔥 कृत्तिका (Krittika) वैदिक ज्योतिष के २७ नक्षत्रों में 3वाँ नक्षत्र है। देवता अग्नि, विंशोत्तरी दशा स्वामी सूर्य, राशि-सीमा मेष–वृषभ 26°40′–10°। अन्य नाम: हुताशन · अग्नि · बहुला · अथ थुरेया (अरबी)।
शुद्धि और काट–छाँट की शक्ति। अग्नि देवता; सूर्य दशा स्वामी।
देवता अग्नि — शुद्धि और काट-छाँट की शक्ति।
शास्त्रीय जन्मफल
शास्त्रीय संकेत: तेजस्वी, राजा-सदृश बुद्धि और विद्या से युक्त।
गुण संकेत: प्रत्यक्ष, रक्षक, शोधक
आकृति / व्यक्तित्व
मध्यम कद, चौड़े कंधे, सुगठित मांसपेशियाँ। जातिकाएं रूपवती, स्वच्छताप्रिय।
स्वभाव
अत्यंत बुद्धिमान, अच्छे सलाहकार, आशावादी, परिश्रमी, वचन-पक्के और समाजसेवी। अहं अधिक — त्रुटि स्वीकार कठिन; परिस्थितियों में ढलना कठिन। अत्यधिक ईमानदारी कभी बाधा भी बन सकती है।
शिक्षा / कर्म
सत्तापक्ष से लाभ; चिकित्सा, इंजीनियरिंग, ट्रेजरी; औषध/अलंकरण व्यापार। उत्कर्ष प्रायः जन्मभूमि से दूर।
विवाह · जातक
वैवाहिक जीवन सुखी; पत्नी गुणवती, गृहकार्य दक्ष; पूर्वपरिचित/प्रेम-विवाह का संकेत।
विवाह · जातिका
कलह-प्रवृत्ति की सावधानी; संगीत-कला रुचि; शिक्षिका उपयुक्त। वैवाहिक पूर्ण सुख कठिन — विलगाव या प्रजनन-हीनता की शास्त्रीय सावधानी।
स्वास्थ्य
सामान्यतः ठीक; दंत-पीड़ा, नेत्र-विकार, क्षय, बवासीर जल्दी पकड़ सकते हैं।
शास्त्रीय स्वास्थ्य-संकेत
शास्त्रीय रोग-संकेत: नेत्र पीड़ा, अनिद्रा, जलन, घुटने दर्द। पारंपरिक उपचार में कपाल-मूल बंधन का उल्लेख।
नक्षत्र गुण तालिका
| आकृति | अग्नि / छुरा · Razor / Flame |
|---|---|
| दशा स्वामी | सूर्य (Sun) |
| देवता | अग्नि (Agni) |
| सीमा | मेष–वृषभ 26°40′–10° |
| स्वभाव | Misra |
| मुख | Adho Mukha |
| दृष्टि · तारे · गण | Madhyaksha · 6 · राक्षस |
| खगोलीय नाम | Pleiades |
| तमिल · मलयालम | Karthigai · Kaarthika |
| संज्ञा | मिश्र/साधारण — अग्निहोत्र आदि मिश्र कर्म |
| मुख-उपयोग | अधोमुख: कूप-तड़ाग खनन, नींव, बोरिंग आदि |
| नेत्र संज्ञा | सुलोचन — खोई वस्तु: न पता, न प्राप्ति |
| योनि · नाड़ी | मेष · अंत्य |
नामकरण अक्षर (चरण)
शास्त्रीय चरणाक्षर (देवनागरी), रोमन रूप और चरण स्वामी:
पद 1 अA गुरु | पद 2 इI शनि | पद 3 उU शनि | पद 4 एE गुरु |
जन्म नक्षत्र कैसे जानें?
जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में हो, वही जन्म-नक्षत्र माना जाता है। कुंडली से अपना नक्षत्र और पद देखें, अथवा आज का पंचांग पर चंद्र नक्षत्र देखें। सभी नक्षत्र: २७ नक्षत्र सूची।
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आध्यात्मिक / ज्योतिषीय परिचय मात्र — चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
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