रोहिणी नक्षत्र (Rohini) — देवता, स्वभाव, फल और नाम अक्षर
रोहिणी — भावुक; भावावेग में निर्णय, तुनुकमिजाज, हठी, आत्म-लुब्ध। शीघ्र विश्वास — धोखा भी संभव। सत्यनिष्ठ; अधैर्य से कार्य अधूरे र…
🐂 रोहिणी (Rohini) वैदिक ज्योतिष के २७ नक्षत्रों में 4वाँ नक्षत्र है। देवता ब्रह्मा / प्रजापति, विंशोत्तरी दशा स्वामी चंद्र, राशि-सीमा वृषभ 10°–23°20′। अन्य नाम: विधि · विरंचि · शंकर · अल्दे वारान (अरबी)।
वृद्धि और सौंदर्य की नक्षत्र। चंद्र की प्रिय; रचना–पालन अनुकूल। अन्य नाम सुरभि।
देवता ब्रह्मा/प्रजापति; चंद्र की प्रिय नक्षत्र कही जाती है।
शास्त्रीय जन्मफल
शास्त्रीय संकेत: सूक्ष्म पर्यवेक्षक स्वभाव; शरीर कृश हो सकता है।
गुण संकेत: सुंदर, आकर्षक, वृद्धिप्रिय
आकृति / व्यक्तित्व
छरहरे, आकर्षक नेत्र, चुम्बकीय व्यक्तित्व; आकृति रथ जैसी।
स्वभाव
भावुक; भावावेग में निर्णय, तुनुकमिजाज, हठी, आत्म-लुब्ध। शीघ्र विश्वास — धोखा भी संभव। सत्यनिष्ठ; अधैर्य से कार्य अधूरे रह सकते हैं। मातृआसक्ति।
शिक्षा / कर्म
संयम से यश; पशुपालन, तेल/जल/रत्न व्यापार, शासकीय सेवा, संगीत-कला, सेना/राजनीति। ३८ वर्ष बाद स्थिरता।
विवाह · जातक
वैवाहिक जीवन विशेष सुखद नहीं — शास्त्रीय सावधानी।
विवाह · जातिका
सुंदर-आकर्षक, सद्व्यवहार पर प्रदर्शनप्रिय; तुनुकमिजाजी से दुःख। स्वभाव पर अंकुश से पारिवारिक सुख।
स्वास्थ्य
युवावस्था में स्वास्थ्य गड़बड़ी; रक्त विकार/मधुमेह आदि की सावधानी। जातिकाओं का स्वास्थ्य प्रायः ठीक।
शास्त्रीय स्वास्थ्य-संकेत
शास्त्रीय रोग-संकेत: ज्वर, सिरदर्द, घबराहट। पारंपरिक उपचार में चिरचिटा-मूल बंधन का उल्लेख।
नक्षत्र गुण तालिका
| आकृति | रथ / गाड़ी · Cart / Chariot |
|---|---|
| दशा स्वामी | चंद्र (Moon) |
| देवता | ब्रह्मा / प्रजापति (Brahma / Prajapati) |
| सीमा | वृषभ 10°–23°20′ |
| स्वभाव | Sthira |
| मुख | Tiryang Mukha |
| दृष्टि · तारे · गण | Madhyaksha · 5 · मनुष्य |
| खगोलीय नाम | Aldebaran |
| तमिल · मलयालम | Rohini · Rohini |
| संज्ञा | ध्रुव/स्थिर — बीजवपन, गृहारम्भ, बाग-उपवन आदि स्थिर कर्म |
| मुख-उपयोग | ऊर्ध्वमुख: प्रासाद निर्माण, राज्याभिषेक, ध्वजारोहण, ऊँचाई संबंधी कार्य |
| नेत्र संज्ञा | अंध — खोई वस्तु: शीघ्र लाभ का शास्त्रीय संकेत |
| योनि · नाड़ी | सर्प · अंत्य |
नामकरण अक्षर (चरण)
शास्त्रीय चरणाक्षर (देवनागरी), रोमन रूप और चरण स्वामी:
पद 1 ओO मंगल | पद 2 वाVa शुक्र | पद 3 वीVi बुध | पद 4 वूVu चंद्र |
जन्म नक्षत्र कैसे जानें?
जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में हो, वही जन्म-नक्षत्र माना जाता है। कुंडली से अपना नक्षत्र और पद देखें, अथवा आज का पंचांग पर चंद्र नक्षत्र देखें। सभी नक्षत्र: २७ नक्षत्र सूची।
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आध्यात्मिक / ज्योतिषीय परिचय मात्र — चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
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