
सितंबर 2026 के पंचक काल का सारांश
सितंबर 2026 में दो पंचक काल आते हैं। प्रत्येक पंचक के प्रकार, नक्षत्र और समय यहाँ बताया गया है।
सितंबर 2026 में पंचक तिथियाँ
Panchak Dates in September 2026 — exact IST timings below (Lahiri, sunrise panchang).
| # | आरंभ | समाप्ति | प्रकार | लेख |
|---|---|---|---|---|
| 1 | 27 अगस्त 2026 को 7:12 am बजे | 1 सितंबर 2026 को 3:24 am बजे | रोग पंचक, मृत्यु पंचक, अग्नि पंचक, चोर पंचक, राज पंचक | विवरण |
| 2 | 23 सितंबर 2026 को 3:34 pm बजे | 28 सितंबर 2026 को 10:16 am बजे | रोग पंचक, मृत्यु पंचक, अग्नि पंचक, चोर पंचक, राज पंचक | विवरण |
सितंबर 2026 के पंचक काल
सौर मंडल में नक्षत्रों की गति के अनुसार वर्ष में पाँच प्रकार के पंचक (रोग, मृत्यु, अग्नि, चोर, राज) पाँच दिनों की अवधि में आते हैं। इन दिनों को अध्यात्मिक एवं दैनिक जीवन में विशेष सावधानी के साथ बिताना पारम्परिक मान्यता है। इस महीने में दो पंचक काल होते हैं, जिनका समय सूर्योदय पंचांग एवं लाहिरी के अनुसार निर्धारित किया गया है।
पहला पंचक काल – 27 अगस्त से 1 सितंबर 2026
समय: 27 अगस्त 2026 को 7:12 am बजे से 1 सितंबर 2026 को 3:24 am बजे तक। इस अवधि में सभी पाँच पंचक (रोग, मृत्यु, अग्नि, चोर, राज) सक्रिय हैं।
- रोग पंचक – नक्षत्र Dhanishta (नक्षत्र संख्या 23)
- मृत्यु पंचक – नक्षत्र Shatabhisha (नक्षत्र संख्या 24)
- अग्नि पंचक – नक्षत्र Purva Bhadrapada (नक्षत्र संख्या 25)
- चोर पंचक – नक्षत्र Uttara Bhadrapada (नक्षत्र संख्या 26)
- राज पंचक – नक्षत्र Revati (नक्षत्र संख्या 27)
इस पाँच‑दिनीय अवधि में शारीरिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ रखने हेतु हल्का व्यायाम, संतुलित आहार और पर्याप्त नींद आवश्यक है। गंभीर कार्य एवं नई बंधनात्मक अनुबंधों से बचना उचित माना जाता है।
दूसरा पंचक काल – 23 सितंबर से 28 सितंबर 2026
समय: 23 सितंबर 2026 को 3:34 pm बजे से 28 सितंबर 2026 को 10:16 am बजे तक। यहाँ भी पाँच प्रकार के पंचक समान रूप से प्रभावी होते हैं।
- रोग पंचक – नक्षत्र Dhanishta
- मृत्यु पंचक – नक्षत्र Shatabhisha
- अग्नि पंचक – नक्षत्र Purva Bhadrapada
- चोर पंचक – नक्षत्र Uttara Bhadrapada
- राज पंचक – नक्षत्र Revati
इस अवधि में शान्ति और संयम का विशेष ध्यान रखें। नयी आय, यात्रा या व्यापारिक अभिवृद्धि को टालना वर्जित माना जाता है। यदि आवश्यक हो तो शान्तिदायक मंत्र एवं प्रार्थना का अभ्यास लाभकारी होता है।
सामान्य सावधानियाँ
- अशुभ समय में तेज़ी से वाहन चलाना एवं भारी उपकरणों की मरम्मत से बचें।
- धार्मिक अनुष्ठान तथा शुद्धिकरण को इस समय में अधिक नहीं करना चाहिए, विशेषकर यदि यह व्यावहारिक लाभ हेतु हो।
- वित्तीय लेन‑देन, भूमि‑संबंधी दस्तावेज़ या बड़ी खरीदारी को पंचक समाप्त होने तक टालें।
- रोग पंचक के दौरान प्रतिरक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने हेतु ताज़ा फल‑सब्ज़ी एवं हल्के भोजन का सेवन करें।
- संकट के क्षण में शांत मन रख कर शास्त्रों का पाठ एवं गहरी श्वास अभ्यास लाभप्रद माना जाता है।
पंचक में क्या नहीं करना चाहिए
- गृह प्रवेश, विवाह, या नए कार्य का शुभारंभ
- लकड़ी या घास का संग्रह
- यात्रा के लिए नया बिस्तर/पलंग बनवाना
- शवयात्रा के अतिरिक्त श्मशान संबंधी बड़े कार्य
ये पारंपरिक निषेध हैं — व्यक्तिगत निर्णय विवेक और कुल परंपरा के अनुसार लें।
Frequently asked questions
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सितंबर 2026 में दो पंचक काल आते हैं। प्रत्येक पंचक के प्रकार, नक्षत्र और समय यहाँ बताया गया है।
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