स्वाति नक्षत्र (Swati) — देवता, स्वभाव, फल और नाम अक्षर
स्वाति — शांतिप्रिय, स्वतंत्र विचार, जिद्दी; कार्य की आलोचना असह्य। क्रोध आने पर संभालना कठिन — विवेक आवश्यक। स्वाधीनता सुरक्षित …
🌬️ स्वाति (Swati) वैदिक ज्योतिष के २७ नक्षत्रों में 15वाँ नक्षत्र है। देवता वायदेव, विंशोत्तरी दशा स्वामी राहु, राशि-सीमा तुला 6°40′–20°। अन्य नाम: मरुत · वात · समीरण · वायु · अल गफ्र (अरबी)।
स्वतंत्रता और अनुकूलन। वायु तत्व; व्यापार–यात्रा में लचीलापन।
देवता पवन/वायु; एक तारा।
शास्त्रीय जन्मफल
शास्त्रीय संकेत: देव-द्विज भक्ति और भोग-सुख; मंद बुद्धि की शास्त्रीय सावधानी।
गुण संकेत: स्वतंत्र, लचीला, दृढ़निश्चयी
आकृति / व्यक्तित्व
मांसल देह, आकर्षक व्यक्तित्व — विशेषकर स्त्री-आकर्षण।
स्वभाव
शांतिप्रिय, स्वतंत्र विचार, जिद्दी; कार्य की आलोचना असह्य। क्रोध आने पर संभालना कठिन — विवेक आवश्यक। स्वाधीनता सुरक्षित रखते सबकी सहायता; नफरत स्थायी हो सकती है। बाल्यकाल समस्यापूर्ण; आर्थिक अभाव; ३०–६० स्वर्णिम।
शिक्षा / कर्म
आभूषण व्यवसाय आदि (सूर्य); बुद्धि और परिश्रम से मध्य आयु में उत्कर्ष।
विवाह · जातक
वैवाहिक जीवन बाहर आदर्श दिखे पर भीतर बहुत मधुर नहीं — शास्त्रीय सावधानी।
विवाह · जातिका
सत्यनिष्ठ, स्नेहिल, गुणवती, सहृदय; उच्च सामाजिक प्रतिष्ठा। धार्मिक; विरोधियों का भी हृदय जीततीं। पारिवारिक शांति हेतु कभी अंतरात्मा के विरुद्ध भी कार्य करना पड़ सकता है।
स्वास्थ्य
सामान्यतः ठीक; बाल्यकाल तनाव स्वास्थ्य पर असर कर सकता है।
शास्त्रीय स्वास्थ्य-संकेत
शास्त्रीय रोग-संकेत: वायु, पेट अफारा, टांग दर्द। पारंपरिक उपचार में जावित्री-मूल बंधन का उल्लेख।
नक्षत्र गुण तालिका
| आकृति | हिलता पौधा · Young Plant in Wind |
|---|---|
| दशा स्वामी | राहु (Rahu) |
| देवता | वायदेव (Vayu) |
| सीमा | तुला 6°40′–20° |
| स्वभाव | Chara |
| मुख | Tiryang Mukha |
| दृष्टि · तारे · गण | Madhyaksha · 1 · देव |
| खगोलीय नाम | Arcturus |
| तमिल · मलयालम | Swaathi · Chothi |
| संज्ञा | चर/चल — गजाश्वारोहण, गमनागमन, यान चालन आदि |
| मुख-उपयोग | तिर्यङ्मुख: मार्ग निर्माण, यन्त्र, यात्रा/वाहन प्रथम प्रयोग, बीजवपन |
| नेत्र संज्ञा | सुलोचन — खोई वस्तु: न पता, न प्राप्ति |
| योनि · नाड़ी | महिष · अंत्य |
नामकरण अक्षर (चरण)
शास्त्रीय चरणाक्षर (देवनागरी), रोमन रूप और चरण स्वामी:
पद 1 रूRu गुरु | पद 2 रेRe शनि | पद 3 रोRo शनि | पद 4 ताTa गुरु |
जन्म नक्षत्र कैसे जानें?
जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में हो, वही जन्म-नक्षत्र माना जाता है। कुंडली से अपना नक्षत्र और पद देखें, अथवा आज का पंचांग पर चंद्र नक्षत्र देखें। सभी नक्षत्र: २७ नक्षत्र सूची।
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आध्यात्मिक / ज्योतिषीय परिचय मात्र — चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
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