मूल नक्षत्र (Mula) — देवता, स्वभाव, फल और नाम अक्षर
मूल — शांतिप्रिय, सिद्धांतवादी, पराजय न मानने वाले; दृढ़ संकल्प पूरा करते हैं। ईश्वर आस्था — “प्रभु भरोसे”। दूसरों को अच्छी सल…
🌱 मूल (Mula) वैदिक ज्योतिष के २७ नक्षत्रों में 19वाँ नक्षत्र है। देवता निऋति, विंशोत्तरी दशा स्वामी केतु, राशि-सीमा धनु 0°–13°20′। अन्य नाम: असुर · मूलऋक्ष · अल सौलाह (अरबी)।
मूल तक पहुँचना। विघटन के बाद नवनिर्माण; केतु स्वामी।
देवता निरृति/राक्षस; केतु स्वामी; गंडमूल।
शास्त्रीय जन्मफल
शास्त्रीय संकेत: वाक्चतुरता के साथ अविश्वास/कृतघ्नता की शास्त्रीय सावधानी; धनयोग।
गुण संकेत: जड़ से जुड़ा, दृढ़, आधारशिला
आकृति / व्यक्तित्व
आकर्षक; हृष्ट-पुष्ट शरीर, चमकीले नेत्र, मधुर स्वभाव।
स्वभाव
शांतिप्रिय, सिद्धांतवादी, पराजय न मानने वाले; दृढ़ संकल्प पूरा करते हैं। ईश्वर आस्था — “प्रभु भरोसे”। दूसरों को अच्छी सलाह, अपने मामले लापरवाह। ईमानदारी के साथ अस्थिर मति; परिवर्तनशील जीवन। आय से अधिक व्यय — अंकुश आवश्यक। प्रतिभा विदेश में चमकती।
शिक्षा / कर्म
लेखन, कला, सामाजिक क्षेत्र; विदेश में आशातीत लाभ।
विवाह · जातक
पारिवारिक जीवन सुखी; पत्नी अच्छी। परिवार से समर्थन सीमित — स्वयं जीवन गढ़ते।
विवाह · जातिका
शुद्ध हृदय, उदार; घोर हठ से विवाद। वैवाहिक जीवन बहुत सुखी नहीं — अलगाव आशंका; विवाह विलंब।
स्वास्थ्य
स्वास्थ्य विशेष ध्यान; मादक पदार्थों से पूर्णतः बचें — लत अति कर देती है। जातिकाएं वातरोग जल्दी। गंडमूल।
शास्त्रीय स्वास्थ्य-संकेत
शास्त्रीय रोग-संकेत: सन्निपात ज्वर, उदर दर्द, मंद रक्तचाप। पारंपरिक उपचार में मंदार-मूल बंधन का उल्लेख।
नक्षत्र गुण तालिका
| आकृति | जड़ें · Bunch of Roots |
|---|---|
| दशा स्वामी | केतु (Ketu) |
| देवता | निऋति (Nirriti) |
| सीमा | धनु 0°–13°20′ |
| स्वभाव | Tikshna |
| मुख | Adho Mukha |
| दृष्टि · तारे · गण | Madhyaksha · 11 · राक्षस |
| खगोलीय नाम | λ / υ Scorpii etc. |
| तमिल · मलयालम | Moolam · Moolam |
| संज्ञा | तीक्ष्ण/दारुण — उग्र/भयंकर कर्म, पशु प्रशिक्षण, बन्धन, अग्निकर्म आदि |
| मुख-उपयोग | अधोमुख: कूप-तड़ाग खनन, नींव, बोरिंग आदि |
| नेत्र संज्ञा | सुलोचन — खोई वस्तु: न पता, न प्राप्ति |
| योनि · नाड़ी | श्वान · आदि |
| गंडमूल | हाँ — मुहूर्त/जन्म में शास्त्रीय सावधानी |
नामकरण अक्षर (चरण)
शास्त्रीय चरणाक्षर (देवनागरी), रोमन रूप और चरण स्वामी:
पद 1 येYe मंगल | पद 2 योYo शुक्र | पद 3 भBha बुध | पद 4 भीBhi चंद्र |
जन्म नक्षत्र कैसे जानें?
जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में हो, वही जन्म-नक्षत्र माना जाता है। कुंडली से अपना नक्षत्र और पद देखें, अथवा आज का पंचांग पर चंद्र नक्षत्र देखें। सभी नक्षत्र: २७ नक्षत्र सूची।
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आध्यात्मिक / ज्योतिषीय परिचय मात्र — चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
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