उत्तराषाढ़ा नक्षत्र (Uttara Ashadha) — देवता, स्वभाव, फल और नाम अक्षर
उत्तराषाढ़ा — शुद्ध हृदय, प्रदर्शनरहित, दंभरहित, परोपकारी; नारी जाति सम्मान। ईमानदार, पारदर्शी, निष्ठावान; धोखा न दें न लें। दृढ़ — अन…
⭐ उत्तराषाढ़ा (Uttara Ashadha) वैदिक ज्योतिष के २७ नक्षत्रों में 21वाँ नक्षत्र है। देवता विश्वेदेवा, विंशोत्तरी दशा स्वामी सूर्य, राशि-सीमा धनु–मकर 26°40′–10°। अन्य नाम: विश्वम् · अल बल्दाह (अरबी)।
स्थायी विजय। लोक–समूह शक्ति; सूर्य स्वामी।
देवता विश्वेदेव; मचान/शैया जैसी चौकोर आकृति।
शास्त्रीय जन्मफल
शास्त्रीय संकेत: मान्य, शांत, गुणवान, सुखी, धनिक और विद्वान्।
गुण संकेत: विजयी, दृढ़, ज्ञानी
आकृति / व्यक्तित्व
सुगठित शरीर, लंबी नाक, चमकीली आँखें; आकर्षक, विनम्र। जातिकाएं भी आकर्षक।
स्वभाव
शुद्ध हृदय, प्रदर्शनरहित, दंभरहित, परोपकारी; नारी जाति सम्मान। ईमानदार, पारदर्शी, निष्ठावान; धोखा न दें न लें। दृढ़ — अनीति के सामने नहीं झुकते। सुविचारित निर्णय; कटु वचन से परहेज; गलती स्वीकार। प्रशंसा की चाह छिपी रह सकती है। २८–३१ महत्वपूर्ण।
शिक्षा / कर्म
उच्च पद पर भी विनय; विवादपूर्ण कार्यों से बचें। जातिकाएं अध्यापन/बैंकिंग।
विवाह · जातक
पारिवारिक सुख; पत्नी स्नेहिल पर स्वास्थ्य पति के लिए चिंता का कारण। बचपन अच्छा, बाद में पारिवारिक झटके।
विवाह · जातिका
जातकों से अधिक हठी; बिना सोचे बोलकर विवाद। वैवाहिक सुख पर पति से अलगाव दुःख देता रहता है।
स्वास्थ्य
उदर रोग और नेत्र विकार सावधानी। जातिकाएं वायु विकार; गर्भाशय शिकायत उपेक्षा न करें।
शास्त्रीय स्वास्थ्य-संकेत
शास्त्रीय रोग-संकेत: कटि पीड़ा, गठिया, प्रलाप मनःस्थिति। पारंपरिक उपचार में कपास-मूल बंधन का उल्लेख।
नक्षत्र गुण तालिका
| आकृति | हाथी दाँत (पीछे) · Elephant Tusk (back) |
|---|---|
| दशा स्वामी | सूर्य (Sun) |
| देवता | विश्वेदेवा (Vishvedevas) |
| सीमा | धनु–मकर 26°40′–10° |
| स्वभाव | Sthira |
| मुख | Adho Mukha |
| दृष्टि · तारे · गण | Madhyaksha · 2 · मनुष्य |
| खगोलीय नाम | ζ / σ Sagittarii |
| तमिल · मलयालम | Uthiraadam · Uthraadam |
| संज्ञा | ध्रुव/स्थिर — बीजवपन, गृहारम्भ, बाग-उपवन आदि स्थिर कर्म |
| मुख-उपयोग | ऊर्ध्वमुख: प्रासाद निर्माण, राज्याभिषेक, ध्वजारोहण, ऊँचाई संबंधी कार्य |
| नेत्र संज्ञा | मंद — खोई वस्तु: प्रयत्न से लाभ |
| योनि · नाड़ी | नकुल · अंत्य |
नामकरण अक्षर (चरण)
शास्त्रीय चरणाक्षर (देवनागरी), रोमन रूप और चरण स्वामी:
पद 1 भेBe गुरु | पद 2 भोBo शनि | पद 3 जूJa शनि | पद 4 जीJi गुरु |
जन्म नक्षत्र कैसे जानें?
जन्म के समय चंद्रमा जिस नक्षत्र में हो, वही जन्म-नक्षत्र माना जाता है। कुंडली से अपना नक्षत्र और पद देखें, अथवा आज का पंचांग पर चंद्र नक्षत्र देखें। सभी नक्षत्र: २७ नक्षत्र सूची।
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आध्यात्मिक / ज्योतिषीय परिचय मात्र — चिकित्सा, कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं।
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