परिचय
व्यतीपात पंचांग योग की दो महान वर्जनाओं में से एक है। विवाह, गृह प्रवेश, अनुबंध आदि बड़े शुभ कार्य स्थगित रखें।
- अर्थ
- पतन / विपत्ति-संकेत · Calamity
- मुहूर्त स्वभाव
- अत्यंत अशुभ
- उपयुक्त कार्य
- सभी बड़े शुभ आरंभ टालें (दो महान वर्जनाओं में से एक)।
जन्म योग · शास्त्रीय संकेत
माया/छल की सावधानी — जन्मफल को भाग्य-निर्णय न मानें।
मुहूर्त की शुभ/अशुभ सूची चुनाव (आरंभ) के लिए है — जन्म योग को अकेले भाग्य-निर्णय न मानें।
महान वर्जना
विवाह, गृह प्रवेश, व्यवसाय-पंजीकरण, बड़े अनुबंध और संस्कार आरंभ इस योग में सामान्यतः टालें। जारी दैनिक कार्य और साधारण साधना अलग श्रेणी में आते हैं।
गणना (संक्षेप)
सूर्य की सायन/निरयण देशांतर + चंद्र की देशांतर; योगफल ≥ ३६०° हो तो घटाएँ; फिर १३°२०′ (८०० कला) से भाग — खंड क्रमांक ही नित्य योग है।
प्रायः एक योग लगभग २१–२५ घंटे रहता है; चंद्र गति से अवधि बदलती है। एक ही तिथि में सुबह-शाम अलग योग संभव।