परिचय
अमावस्या कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि — सूर्य-चंद्र संयोग, अदृश्य चंद्र। पितृ पक्ष और अमावस्या श्राद्ध इसी से जुड़े हैं।
- मुहूर्त वर्ग
- अंत्य · New-moon endpoint
- पक्ष
- शुक्ल या कृष्ण — नाम समान, पक्ष अलग
- उपयुक्त / व्रत संकेत
- पितृ तर्पण, श्राद्ध, मौन-साधना; बड़े मांगलिक आरंभ सामान्यतः टालें।
जन्म तिथि · शास्त्रीय संकेत
आशा और पितृ-देव अर्चन की प्रवृत्ति का संकेत।
जन्म-तिथि फल शास्त्रीय संकेत है — अकेले भाग्य-निर्णय न मानें। व्रत-पर्व और मुहूर्त के नियम अलग-अलग परंपराओं में थोड़े भिन्न हो सकते हैं।
मुहूर्त सावधानी
रिक्ता / अमावस्या पर विवाह, गृह प्रवेश और बड़े अनुबंध सामान्यतः टाले जाते हैं। व्रत-पर्व और जारी दैनिक साधना अलग श्रेणी में आते हैं।
गणना (संक्षेप)
तिथि सूर्य और चंद्र के बीच कोणीय दूरी का खंड है — प्रत्येक लगभग १२°। शुक्ल पक्ष में चंद्र बढ़ता है, कृष्ण में घटता है; एक पक्ष में सामान्यतः १५ तिथियाँ।
एक तिथि प्रायः १९–२६ घंटे रहती है; कभी एक नागरिक दिन में दो तिथियाँ, कभी एक तिथि दो दिनों तक फैलती है।