परिचय
चतुर्थी रिक्ता वर्ग में आती है। गणेश चतुर्थी जैसे व्रत इसी तिथि से जुड़े हैं; मुहूर्त में बड़े मांगलिक आरंभ प्रायः टाले जाते हैं।
- मुहूर्त वर्ग
- रिक्ता · Rikta
- पक्ष
- शुक्ल या कृष्ण — नाम समान, पक्ष अलग
- उपयुक्त / व्रत संकेत
- रिक्ता — बड़े शुभ आरंभ सामान्यतः टालें; साधारण / जारी कार्य ठीक।
जन्म तिथि · शास्त्रीय संकेत
चतुरता और यात्रा-प्रवृत्ति का संकेत; मंत्र-साधना रुचि भी कही गई।
जन्म-तिथि फल शास्त्रीय संकेत है — अकेले भाग्य-निर्णय न मानें। व्रत-पर्व और मुहूर्त के नियम अलग-अलग परंपराओं में थोड़े भिन्न हो सकते हैं।
मुहूर्त सावधानी
रिक्ता / अमावस्या पर विवाह, गृह प्रवेश और बड़े अनुबंध सामान्यतः टाले जाते हैं। व्रत-पर्व और जारी दैनिक साधना अलग श्रेणी में आते हैं।
गणना (संक्षेप)
तिथि सूर्य और चंद्र के बीच कोणीय दूरी का खंड है — प्रत्येक लगभग १२°। शुक्ल पक्ष में चंद्र बढ़ता है, कृष्ण में घटता है; एक पक्ष में सामान्यतः १५ तिथियाँ।
एक तिथि प्रायः १९–२६ घंटे रहती है; कभी एक नागरिक दिन में दो तिथियाँ, कभी एक तिथि दो दिनों तक फैलती है।