परिचय
तृतीया जया वर्ग की तिथि है — साहस और सफलता से जोड़ी जाती है। अक्षय तृतीया जैसे पर्व इसी नाम से प्रसिद्ध हैं।
- मुहूर्त वर्ग
- जया · Jaya
- पक्ष
- शुक्ल या कृष्ण — नाम समान, पक्ष अलग
- उपयुक्त / व्रत संकेत
- विजय-कामना वाले कार्य, कला-आरंभ; जया वर्ग।
जन्म तिथि · शास्त्रीय संकेत
पुण्य और वाक्पटुता का संकेत; भीरुता की सावधानी।
जन्म-तिथि फल शास्त्रीय संकेत है — अकेले भाग्य-निर्णय न मानें। व्रत-पर्व और मुहूर्त के नियम अलग-अलग परंपराओं में थोड़े भिन्न हो सकते हैं।
गणना (संक्षेप)
तिथि सूर्य और चंद्र के बीच कोणीय दूरी का खंड है — प्रत्येक लगभग १२°। शुक्ल पक्ष में चंद्र बढ़ता है, कृष्ण में घटता है; एक पक्ष में सामान्यतः १५ तिथियाँ।
एक तिथि प्रायः १९–२६ घंटे रहती है; कभी एक नागरिक दिन में दो तिथियाँ, कभी एक तिथि दो दिनों तक फैलती है।