परिचय
द्वादशी पर प्रायः एकादशी व्रत की पारणा की जाती है। भद्रा वर्ग में स्थिर धार्मिक कार्य अनुकूल माने जाते हैं।
- मुहूर्त वर्ग
- भद्रा · Bhadra
- पक्ष
- शुक्ल या कृष्ण — नाम समान, पक्ष अलग
- उपयुक्त / व्रत संकेत
- पारणा (एकादशी के बाद), दान, विष्णु-पूजा; भद्रा वर्ग।
जन्म तिथि · शास्त्रीय संकेत
पुण्य-कर्म, त्याग और विद्या का संकेत।
जन्म-तिथि फल शास्त्रीय संकेत है — अकेले भाग्य-निर्णय न मानें। व्रत-पर्व और मुहूर्त के नियम अलग-अलग परंपराओं में थोड़े भिन्न हो सकते हैं।
गणना (संक्षेप)
तिथि सूर्य और चंद्र के बीच कोणीय दूरी का खंड है — प्रत्येक लगभग १२°। शुक्ल पक्ष में चंद्र बढ़ता है, कृष्ण में घटता है; एक पक्ष में सामान्यतः १५ तिथियाँ।
एक तिथि प्रायः १९–२६ घंटे रहती है; कभी एक नागरिक दिन में दो तिथियाँ, कभी एक तिथि दो दिनों तक फैलती है।