12 / १६ तिथि

द्वादशी तिथि

Dwadashi · भद्रा · Bhadra

भद्रा

परिचय

द्वादशी पर प्रायः एकादशी व्रत की पारणा की जाती है। भद्रा वर्ग में स्थिर धार्मिक कार्य अनुकूल माने जाते हैं।

मुहूर्त वर्ग
भद्रा · Bhadra
पक्ष
शुक्ल या कृष्ण — नाम समान, पक्ष अलग
उपयुक्त / व्रत संकेत
पारणा (एकादशी के बाद), दान, विष्णु-पूजा; भद्रा वर्ग।

जन्म तिथि · शास्त्रीय संकेत

पुण्य-कर्म, त्याग और विद्या का संकेत।

जन्म-तिथि फल शास्त्रीय संकेत है — अकेले भाग्य-निर्णय न मानें। व्रत-पर्व और मुहूर्त के नियम अलग-अलग परंपराओं में थोड़े भिन्न हो सकते हैं।

गणना (संक्षेप)

तिथि सूर्य और चंद्र के बीच कोणीय दूरी का खंड है — प्रत्येक लगभग १२°। शुक्ल पक्ष में चंद्र बढ़ता है, कृष्ण में घटता है; एक पक्ष में सामान्यतः १५ तिथियाँ।

एक तिथि प्रायः १९–२६ घंटे रहती है; कभी एक नागरिक दिन में दो तिथियाँ, कभी एक तिथि दो दिनों तक फैलती है।

अन्य तिथियाँ

1 / १६

प्रतिपदा Pratipada

नंदा

नये आरंभ, यात्रा-तैयारी, साधारण शुभ कार्य; नंदा वर्ग।

2 / १६

द्वितीया Dwitiya

भद्रा

स्थायी कार्य, संग्रह, गृह-संबंधित साधारण आरंभ; भद्रा वर्ग।

3 / १६

तृतीया Tritiya

जया

विजय-कामना वाले कार्य, कला-आरंभ; जया वर्ग।

4 / १६

चतुर्थी Chaturthi

रिक्ता

रिक्ता — बड़े शुभ आरंभ सामान्यतः टालें; साधारण / जारी कार्य ठीक।

5 / १६

पंचमी Panchami

पूर्णा

विद्या, नाग-पूजा, सौम्य संस्कार; पूर्णा वर्ग।

6 / १६

षष्ठी Shashthi

नंदा

स्कंद/षष्ठी व्रत, बच्चों संबंधी सौम्य अनुष्ठान; नंदा वर्ग।

7 / १६

सप्तमी Saptami

भद्रा

सूर्य-संबंधी पूजा, स्वास्थ्य-यात्रा; भद्रा वर्ग।

8 / १६

अष्टमी Ashtami

जया

दुर्गा/कृष्ण जन्माष्टमी जैसे व्रत; जया वर्ग — साहसिक कार्य।

9 / १६

नवमी Navami

रिक्ता

रिक्ता — बड़े शुभ आरंभ टालें; राम नवमी जैसे व्रत अलग श्रेणी।

10 / १६

दशमी Dashami

पूर्णा

विजय/पूर्णता वाले कार्य, विजयदशमी; पूर्णा वर्ग।

11 / १६

एकादशी Ekadashi

नंदा

विष्णु व्रत, उपवास, जप-साधना; नंदा वर्ग।

12 / १६

द्वादशी Dwadashi

भद्रा

पारणा (एकादशी के बाद), दान, विष्णु-पूजा; भद्रा वर्ग।

13 / १६

त्रयोदशी Trayodashi

जया

प्रदोष व्रत, शिव-पूजा; जया वर्ग।

14 / १६

चतुर्दशी Chaturdashi

रिक्ता

रिक्ता — बड़े शुभ आरंभ टालें; शिवरात्रि/नरक चतुर्दशी जैसे व्रत अलग।

15 / १६

पूर्णिमा Purnima

पूर्णा

पूर्णिमा व्रत, गुरु पूर्णिमा, दान-पुण्य; पूर्णा वर्ग / शुक्ल अंत।

16 / १६

अमावस्या Amavasya

अंत्य

पितृ तर्पण, श्राद्ध, मौन-साधना; बड़े मांगलिक आरंभ सामान्यतः टालें।